ब्रेकिंग
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने रचा इतिहास, बॉक्सिंग में पहली बार जीते 5 गोल्ड मेडल, बिहार के सीएम सम्राट ने दी बधाई शोभा ओहटकर बनीं बिहार कर्मचारी चयन आयोग की नई अध्यक्ष, सरकार ने जारी की अधिसूचनाअब हेलीकॉप्टर से कर सकेंगे बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ धाम के हवाई दर्शन, जानिए किराया और पूरी जानकारीपति ने पत्नी की बेवफाई के 97 वीडियो और 237 तस्वीर कोर्ट में पेश किया: सुप्रीम कोर्ट ने सुना दिया बड़ा फैसलावैशाली डबल मर्डर केस में बड़ा एक्शन, फरार आरोपियों के घर कुर्की-जब्ती, बुलडोजर लेकर पहुंची पुलिसकॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने रचा इतिहास, बॉक्सिंग में पहली बार जीते 5 गोल्ड मेडल, बिहार के सीएम सम्राट ने दी बधाई शोभा ओहटकर बनीं बिहार कर्मचारी चयन आयोग की नई अध्यक्ष, सरकार ने जारी की अधिसूचनाअब हेलीकॉप्टर से कर सकेंगे बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ धाम के हवाई दर्शन, जानिए किराया और पूरी जानकारीपति ने पत्नी की बेवफाई के 97 वीडियो और 237 तस्वीर कोर्ट में पेश किया: सुप्रीम कोर्ट ने सुना दिया बड़ा फैसलावैशाली डबल मर्डर केस में बड़ा एक्शन, फरार आरोपियों के घर कुर्की-जब्ती, बुलडोजर लेकर पहुंची पुलिस

‘अपनी बदहाली के खुद जिम्मेदार, आप उसके ही हक़दार’, बिहार से नीतीश कुमार की विदाई पर रोहिणी आचार्य का वार

Nitish Kumar: नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और सीएम पद छोड़ने के ऐलान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। रोहिणी आचार्य ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि अपनी बदहाली के लिए वे खुद जिम्मेदार हैं और भाजपा की कठपुतली बन गए हैं।

Nitish Kumar
रोहिणी का बड़ा हमला
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Nitish Kumar: नीतीश कुमार के सीएम की कुर्सी छोड़ने और राज्यसभा जाने के ऐलान के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। विपक्ष इसे बीजेपी की साजिश करार दे रहा है तो वहीं जेडीयू के कार्यकर्ता भी इस फैसले से हैरान हैं। इस सियासी खेल को लेकर विपक्ष ने हमला शुरू कर दिया है। लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने नीतीश कुमार को अपनी बदहाली के लिए जिम्मेवार बताया है।


रोहिणी आचार्य ने एक्स पर लंबा चौड़ा पोस्ट लिखा है। उन्होंने लिखा, "अपनों" के साथ बारम्बार बेवफाई करने वाले नीतीश कुमार जी .. खुद के गर्त में धकेले जाने और अपनी बदहाली के आप खुद जिम्मेदार हैं आपके साथ आज जो हो रहा आप उसके ही हक़दार हैं।


आज अवसरवादिता के शिखर पुरुष श्री नीतीश कुमार जी को जैसा निर्णय लेने के लिए भाजपा के द्वारा मजबूर किया गया , ये तो 28 जनवरी, 2024 को ही तय हो गया था , जब नीतीश कुमार जी ने गुलाटी मारने की अपने जगजाहिर कौशल की पुनरावृत्ति करते हुए महागठबंधन/इंडिया अलायन्स का साथ छोड़ा था.. कुर्सी से चिपके रहने की अपनी स्वभावतः मज़बूरी की वजह से ही आज नीतीश कुमार जी उस भाजपा के हाथों की कठपुतली बन चुके हैं, जो अपने सहयोगियों की राजनीतिक कब्र खोदने और उनको दफनाने के लिए ही जानी जाती है।


महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे जी का जो हश्र भाजपा ने किया, नीतीश कुमार जी उससे भी नहीं चेते और अपने पुराने समाजवादी साथियों के बार-बार आगाह करने के बावजूद खुद ही कब्र सरीखी भाजपा की गोद में जा बैठे।


अपने ही विनाश के लिए भाजपा के द्वारा जारी तुगलकी फरमान पर अपनी रजामंदी देने वाले नीतीश कुमार जी के बारे में अब दो बातें तो जाहिर एवं साबित होती हैं "नीतीश कुमार जी की सोचने-समझने की शक्ति पूरी तरह से क्षीण हो चुकी है और नीतीश कुमार जी की कोई बहुत कमजोर नस भाजपा ने जरूर दबा रखी है"।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता