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UPSC Success Story: डॉक्टर बनने का टूटा सपना, 120 दिन की तैयारी और बिना कोचिंग बनी IAS, जानिए पूरी कहानी

तरुणी पांडे ने महज 120 दिन की कड़ी तैयारी में UPSC की परीक्षा पास कर पहली ही कोशिश में IAS अधिकारी बनने का अनोखा रिकॉर्ड बनाया। यह कहानी संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल है, जो हर UPSC उम्मीदवार के लिए प्रेरणा और हौसले का स्रोत बन सकती है।

UPSC Success Story: डॉक्टर बनने का टूटा सपना, 120 दिन की तैयारी और बिना कोचिंग बनी IAS, जानिए पूरी कहानी
Tejpratap
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UPSC Success Story: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिना जाता है। लाखों युवा इसे क्वालिफाई करने के लिए सालों तक मेहनत करते हैं। लेकिन 32 वर्षीय तरुणी पांडे ने साबित कर दिया कि सही दिशा और मेहनत से कम समय में भी सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने महज 120 दिन की तैयारी में यूपीएससी में सफलता पाई और पहली कोशिश में IAS अधिकारी बनीं। उनकी कहानी संघर्ष, हौसले और दृढ़ निश्चय की मिसाल है।


UPSC Success Story: डॉक्टर बनने का टूटा सपना, 120 दिन की तैयारी और बिना कोचिंग बनी IAS, जानिए पूरी कहानी


जन्म और शिक्षा

तरुणी पांडे का जन्म पश्चिम बंगाल के चित्तरंजन में हुआ, लेकिन उनका बचपन झारखंड के जामताड़ा में बीता। मिडिल क्लास परिवार से आने वाली तरुणी ने शुरुआती पढ़ाई प्राइवेट स्कूल से की। आर्थिक कारणों से 10वीं के बाद उन्हें सरकारी स्कूल में दाखिला लेना पड़ा। बचपन से पढ़ाई में तेज तरुणी का सपना डॉक्टर बनने का था।


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डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया

12वीं के बाद उन्हें सिक्किम के एक मेडिकल कॉलेज में MBBS में एडमिशन मिला। लेकिन एमबीबीएस के दूसरे साल में अचानक स्वास्थ्य समस्याओं के चलते पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। वापस घर लौटने के बाद उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की।


एक हादसे ने बदल दी जिंदगी

साल 2016 में तरुणी के परिवार को बड़ा झटका लगा। उनकी बड़ी बहन का पति CRPF में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात थे और श्रीनगर में शहीद हो गए। इस हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। इसी दौरान तरुणी को यह एहसास हुआ कि वे समाज और लोगों की सेवा के लिए कुछ बड़ा कर सकती हैं। बहन की नौकरी से जुड़े मामलों में अधिकारियों से मिलने के दौरान उन्हें IAS अधिकारी की जिम्मेदारियों और समाज पर प्रभाव का पता चला। तभी उन्होंने निर्णय लिया कि वे सिविल सेवा परीक्षा में जाएंगी।


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बिना कोचिंग 120 दिन में तैयारी

तरुणी पांडे ने कभी स्कूल या कॉलेज में कोचिंग नहीं ली। उन्होंने खुद पढ़ाई करने का फैसला किया और यूट्यूब वीडियो, नोट्स और किताबों की मदद से खुद को तैयार किया। महज 120 दिन की मेहनत के बाद उन्होंने UPSC 2021 की परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। परीक्षा में 14वीं रैंक लाकर उन्हें IAS कैडर मिला।


रिजल्ट के दिन की यादें

तरुणी ने सोशल मीडिया पर रिजल्ट के दिन की भावनाओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि शाम 7.10 बजे रिजल्ट आया और उन्होंने अपने परिवार के सामने खुशखबरी बताने से पहले अपनी बहन को तैयार किया। उनकी बहन रो पड़ी, भाई को यकीन नहीं हुआ, मां खुशी से नाच रही थीं और पिता भावनाओं से भर गए। उन्होंने इन यादगार पलों को डिजिटल मेमोरी में कैद कर लिया।


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वर्तमान में भूमिका

वर्तमान में आईएएस तरुणी पांडे दिल्ली स्थित संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग में भारतीय संचार वित्त सेवा (IP&TAFS) में ग्रुप ए अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि सही दिशा, आत्मविश्वास और मेहनत से जीवन के सबसे बड़े सपनों को हासिल किया जा सकता है।

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