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Nitish Kumar : राज्यसभा जाने के बाद भी इस दिन तक CM की कुर्सी पर बने रहेंगे नीतीश कुमार, बिहार में इनके हाथ में होगी JDU की कमान!

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अप्रैल तक सीएम बने रहेंगे नीतीश कुमार, वहीं JDU की कमान निशांत कुमार को मिलने की अटकलें भी लग रही हैं।

Nitish Kumar : राज्यसभा जाने के बाद भी इस दिन तक CM की कुर्सी पर बने रहेंगे नीतीश कुमार, बिहार में इनके हाथ में होगी JDU की कमान!
Tejpratap
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Nitish Kumar : बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद यह सवाल तेज हो गया है कि आखिर बिहार की सत्ता की कमान अब किसके हाथों में होगी। हालांकि फिलहाल यह साफ कर दिया गया है कि नीतीश कुमार तुरंत मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगे और अगले कुछ दिनों तक वह ही राज्य के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।


दरअसल, जानकारी के अनुसार राज्यसभा का वर्तमान कार्यकाल 10 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि नीतीश कुमार भी उसी समय के आसपास मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। यानी अप्रैल तक वह बिहार के मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। इसके बाद ही नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।


राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री पद के लिए एनडीए के अंदर तीन प्रमुख नामों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी भी नाम पर औपचारिक मुहर नहीं लगी है। माना जा रहा है कि गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद ही बिहार के नए मुख्यमंत्री का चेहरा तय किया जाएगा।


इधर, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर के साथ ही एक और बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर Janata Dal (United) की कमान अब किसके हाथों में होगी। जदयू बिहार की राजनीति की एक बड़ी पार्टी रही है और पिछले कई वर्षों से इसकी कमान खुद नीतीश कुमार संभालते रहे हैं। ऐसे में उनके दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होने के बाद पार्टी के नेतृत्व को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।


जदयू के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो पार्टी के नेतृत्व को लेकर फिलहाल एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है और वह नाम है नीतीश कुमार के बेटे Nishant Kumar का। अब तक राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले निशांत कुमार को लेकर पार्टी के अंदर नई संभावनाओं पर चर्चा हो रही है।


सूत्रों का कहना है कि भविष्य में निशांत कुमार को बिहार की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। चर्चा यह भी है कि उन्हें पहले उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, ताकि वह प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव हासिल कर सकें। इसके बाद आने वाले समय में उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है।


हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक जदयू या एनडीए की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता फिलहाल इस विषय पर खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। लेकिन राजनीतिक हलकों में यह जरूर माना जा रहा है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार की राजनीति में एक नई पीढ़ी को मौका मिल सकता है।


उधर, विपक्ष भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। विपक्षी दलों का कहना है कि बिहार में नेतृत्व परिवर्तन का असर राज्य की राजनीति पर जरूर पड़ेगा। वहीं एनडीए के भीतर भी सत्ता संतुलन को लेकर मंथन जारी है।


कुल मिलाकर कहा जाए तो अप्रैल का महीना बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित होने वाला है। एक तरफ जहां नीतीश कुमार दिल्ली की राजनीति में नई भूमिका निभाने की तैयारी में हैं, वहीं दूसरी तरफ बिहार में नए मुख्यमंत्री और जदयू के भविष्य को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि आखिर बिहार की सत्ता की कमान किसके हाथों में जाएगी और जदयू का अगला नेतृत्व कौन संभालेगा।       

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