Bihar News: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पहली ईंट रखने वाले दिवंगत कामेश्वर चौपाल पंचतत्व में विलीन हो गए। शनिवार को उनके पैतृक जिला बिहार के सुपौल में उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। कामेश्वर चौपाल के बेटे विवेकानंद विवेक ने उन्हें मुखाग्नि दी। कामेश्वर चौपाल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य थे।
दरअसल, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल का निधन दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में हो गया था। उनके निधन के बाद शोक की लहर दौड़ गई थी। निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली से पटना लाया गया। पटना में बीजेपी कार्यालय और बिहार विधान परिषद में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई थी।
इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव सुपौल के कमरैल भेज दिया गया। कमरैल में दिवंगत कामेश्वर चौपाल के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। कमरैल गांव में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर परिवार के सदस्यों के अलावा बीजेपी के बड़े नेता मौजूद रहे।
बता दें कि कामेश्वर चौपाल का जीवन काफी संघर्षपूर्ण और सेवा से भरा रहा। वह अयोध्या राम मंदिर निर्माण आंदोलन से जुड़े और 1989 में राम मंदिर की पहली ईंट रखने वाले व्यक्ति बन गए। इसकी इस भूमिका को भारतीय राजनीति में एतिहासिक माना जाता है। वह बीजेपी में लंबे समय तक सक्रिय रहे और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य के तौर पर अयोध्या में मंदिर निर्माण में योगदान दिया।