Bihar Crime News: बिहार में JDU का पूर्व जिला प्रवक्ता गिरफ्तार, वैशाली पुलिस ने यहां से किया अरेस्ट; क्या है मामला? Bihar Crime News: जंगल में पेड़ से लटके दो नर कंकाल मिलने से सनसनी, ऑनर किलिंग की आशंका Bihar News: सकरी और रैयाम में जल्द खुलेंगे सहकारी चीनी मिल, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश Bihar News: सकरी और रैयाम में जल्द खुलेंगे सहकारी चीनी मिल, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश पटना में NEET छात्रा की मौत पर उबाल: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर महिला संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, बुलडोजर एक्शन की मांग पटना में NEET छात्रा की मौत पर उबाल: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर महिला संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, बुलडोजर एक्शन की मांग PM Awas Yojana Gramin: पीएम आवास योजना से बदली बिहार के गांवों की तस्वीर, 12 लाख परिवारों को मिलेगा अपना घर PM Awas Yojana Gramin: पीएम आवास योजना से बदली बिहार के गांवों की तस्वीर, 12 लाख परिवारों को मिलेगा अपना घर Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज माघ मेला में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने पर आभार सभा, संतों ने दिया सनातन संरक्षण का संदेश Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज माघ मेला में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने पर आभार सभा, संतों ने दिया सनातन संरक्षण का संदेश
17-Apr-2025 07:50 PM
By First Bihar
CM Nitish Kumar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पटना हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने कथित राष्ट्रगान अपमान मामले में उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी। पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश चंद्रशेखर झा की एकलपीठ ने मुख्यमंत्री की ओर से दायर की गई क्वैशिंग याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। साथ ही, परिवादी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
दरअसल, यह मामला उस समय सामने आया जब पिछले महीने बेगूसराय में आयोजित एक विशेष खेल महोत्सव के उद्घाटन के दौरान राष्ट्रगान के समय मुख्यमंत्री का एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो को आधार बनाकर स्थानीय निवासी विकास पासवान ने 22 मार्च को बेगूसराय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में परिवाद दायर किया, जिसमें मुख्यमंत्री पर राष्ट्रगान का अपमान करने का आरोप लगाया गया था।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के अवकाश पर होने के कारण प्रभारी न्यायिक दंडाधिकारी ने यह मामला अपने न्यायालय में स्थानांतरित किया और 25 मार्च को मुख्यमंत्री को नोटिस जारी कर 4 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री की ओर से पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई।
मुख्यमंत्री की ओर से महाधिवक्ता पी. के. शाही और अधिवक्ता अमीश कुमार ने कोर्ट में यह तर्क रखा कि यह मामला दुर्भावना से प्रेरित है और आपराधिक कानून का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना प्राथमिक जांच के मुख्यमंत्री को आरोपी बना देना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन है, जो पूरी तरह से गैरकानूनी है। इन दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी। इस मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।