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Tejashwi Yadav: “मेयर और उनके देवर के दो-दो ईपिक नंबर, गुजरात के BJP नेता भी बिहार के वोटर बने”, चुनाव आयोग पर तेजस्वी का हमला

Tejashwi Yadav: बिहार में वोटर लिस्ट को लेकर सियासी घमासान तेज़ी से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 13, 2025, 10:20:29 AM

Tejashwi Yadav

तेजस्वी यादव - फ़ोटो GOOGLE

Tejashwi Yadav: बिहार में वोटर लिस्ट को लेकर सियासी घमासान तेज़ी से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि भाजपा चुनाव आयोग का उपयोग कर वोटों की चोरी कर रही है और कई भाजपा नेताओं के नाम मतदाता सूची में दो-दो बार दर्ज हैं। 


दरअसल, तेजस्वी यादव ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुजफ्फरपुर की मेयर और भाजपा की बड़ी नेता निर्मला देवी और उनके दो देवरों के नाम मतदाता सूची में दो-दो बार दर्ज होने का दावा किया। उन्होंने यह भी कहा कि निर्मला देवी के दो अलग-अलग ई-रिकॉर्डिंग पहचान पत्र (ईपिक) नंबर हैं, जिनमें उम्र का भी अंतर दिखाया गया है। इसी प्रकार उनके देवरों के भी दो-दो ईपिक नंबर मौजूद हैं।


तेजस्वी ने गुजरात भाजपा के प्रभारी भीखूभाई पटना में वोटर बन गए हैं, जबकि उन्होंने गुजरात में अपना नाम कटवा लिया है। उनका आरोप है कि भाजपा नेता राज्यों के बीच मतदाता सूची का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह सब चुनाव आयोग की मिलीभगत से संभव हो रहा है, जो भाजपा का पक्षधर है और विपक्ष के वोटों को कम करने का काम कर रहा है।


तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा पहले सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करती थी, लेकिन अब जब ये काम नहीं आ रहे हैं तो चुनाव आयोग को ही अपने इशारे पर काम करने के लिए लगाया गया है। उन्होंने साल 2020 के चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि मात्र 12 हजार वोटों के अंतर से 10 सीटें हार गईं थीं, जो कि वोट की चोरी का नतीजा था।


इसके अलावा तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का संकेत भी दिया है। उन्होंने कहा कि 17 अगस्त से राहुल गांधी के साथ वोट अधिकार यात्रा पर जाएंगे और इस दौरान विचार करेंगे कि चुनाव में हिस्सा लेना उचित होगा या नहीं। उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग पहले से ही परिणाम तय कर चुका है तो बहिष्कार का विकल्प भी खुले दिमाग से सोचना होगा।


इस विवाद में निर्मला देवी के अलावा उनके दो देवरों दिलीप कुमार और मनोज कुमार का भी नाम मतदाता सूची में दो-दो बार दर्ज है। तेजस्वी ने टीवी पर बूथ नंबर 257 और 153 पर निर्मला देवी के दो अलग-अलग ईपिक आईडी दिखाते हुए कहा कि एक में उनकी उम्र 48 साल है तो दूसरे में 45 साल। यह स्पष्ट तौर पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को दर्शाता है।


तेजस्वी यादव ने यह भी सवाल उठाया है कि चुनाव आयोग आखिर किस आधार पर भाजपा नेताओं के नाम दो स्थानों पर दर्ज कर रहा है और दो-दो ईपिक नंबर दे रहा है। उन्होंने इस मामले की गंभीर जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


बिहार में इस मुद्दे ने राजनीतिक गरमाहट बढ़ा दी है और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह विवाद चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता दिख रहा है। जनता और विपक्षी दल चुनाव आयोग की भूमिका पर गहरा भरोसा खोते जा रहे हैं, जबकि भाजपा इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही है।

पटना से प्रेम राज की रिपोर्ट