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02-Jul-2020 04:03 PM
PATNA : विधानसभा चुनाव के पहले एनडीए में अपने सख्त रुख से सहयोगियों को सन्न कर देने वाले चिराग पासवान ने अब नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड के खिलाफ नया सियासी दांव खेला है। चिराग पासवान में विधानसभा चुनाव के पहले बिहार में नीतीश के सामने एक नया चेहरा खड़ा कर दिया है। जनता दल यूनाइटेड ये कहते रहा है कि बिहार में चुनाव नीतीश कुमार के चेहरे पर लड़ा जाएगा लेकिन चिराग पासवान जिस चेहरे को लेकर सामने आए हैं उसका विरोध चाह कर भी जेडीयू नहीं कर पाएगा।
जनता दल यूनाइटेड को बैकफुट पर धकेलने के लिए चिराग पासवान ने अब जिस रणनीति के तहत कदम आगे बढ़ाया है उसके तहत बिहार में केंद्र सरकार के किए गए काम की चर्चा को आगे जारी रखने की तैयारी है। कोरोना काल में गरीबों को दिए जाने वाला मुफ्त अनाज की योजना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उठाए गए कदम को चिराग पासवान अब बिहार में जनता के सामने रखेंगे। उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं को इसका टास्क भी दे दिया है। चिराग पासवान जानते हैं कि नीतीश कुमार के सामने अगर नरेंद्र मोदी का चेहरा खड़ा किया गया तो बीजेपी उसके साथ होगी और जेडीयू चाह कर भी विरोध नहीं कर पाएगा।
पीएम मोदी के चेहरे को आगे करने के साथ-साथ चिराग पासवान अपने पिता और एलजेपी के संस्थापक रामविलास पासवान के विभाग की तरफ से उठाए गए कदमों की भी खूब चर्चा करने वाले हैं। दरअसल नवंबर महीने तक के गरीबों को मुफ्त अनाज दिए जाने के केंद्र सरकार के फैसले का सीधा संबंध रामविलास पासवान के खाद्य उपभोक्ता मंत्रालय से है। ऐसे में चिराग एक तीर से तीन निशाने साध रहे हैं। पीएम मोदी का चेहरा आगे कर चिराग नीतीश कुमार के चेहरे की ब्रांडिंग से बचना चाहते हैं। वहीं बीजेपी को अपने भरोसे में रखना चाहते हैं और साथ ही साथ रामविलास पासवान की उपलब्धियां भी बिहार की जनता के सामने लाना चाहते हैं। देखना दिलचस्प होगा कि चिराग के इस अदाओं का जनता दल यूनाइटेड किस तरह सामना कर पाता है।