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Bihar Politics: केंद्रीय मंत्री 'मांझी' ने सुशासन राज में 'भ्रष्टाचार' की पोल खोली...इतने गंभीर आरोपों पर भी इतना सन्नाटा क्यों है ?

Bihar Politics: केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने कमीशनखोरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. इतने गंभीर इश्यू पर भी सरकार ने संज्ञान नहीं लिया. ऐसा लगता है कि सरकार के लिए यह सब सामान्य बात है .

07-Jan-2025 01:49 PM

By Viveka Nand

Bihar Politics: एनडीए की सहयोगी HAM के संरक्षक व मोदी कैबिनेट में वरिष्ठ मंत्री जीतन राम मांझी ने भ्रष्टाचार पर नीतीश सरकार को कटघरे में खड़ा किया है. पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों पर योजनाओं में कमीशन के तौर पर मोटी रकम लेने का आरोप लगा सनसनी फैला दी है. सहयोगी गठबंधन के इतने बड़े नेता व केंद्रीय मंत्री द्वारा गंभीर आरोप लगाने के बाद भी सन्नाटा है. ऐसा लग रहा कि सुशासन राज में भ्रष्टाचार कोई मुद्दा ही नहीं. बिहार के वरिष्ठतम पत्रकार व पद्मश्री से सम्मानित सुरेन्द्र किशोर इससे काफी अचंभित हैं. कहते हैं, ''आखिर ऐसे गंभीर आरोपों पर भी इतना सन्नाटा क्यों है भाई ?''

ऐसे गंभीर आरोपों पर भी इतना सन्नाटा क्यों है....

वरिष्ठ पत्रकार पद्मश्री सुरेन्द्र किशोर ने सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा की है. वे लिखेत हैं, ''परसों केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने बोध गया में कहा कि (बिहार सरकार के)‘‘कल्याण सचिव केवल कलम चलाते हैं और भ्रष्टाचार की राशि उन तक भी पहुंचती है।’’ पूर्व मुख्य मंत्री मांझी का यह बयान कल ( 6 JAN) के दैनिक अखबार छपी है. उम्मीद की गयी थी कि कल राजनीतिक और प्रशासनिक हलके में इस बयान पर चर्चा होगी। चर्चा की खबर फिर अखबार में आएगी। पर,कोई चर्चा नहीं हुई। आखिर ऐसे गंभीर आरोपों पर भी इतना सन्नाटा क्यों है भाई ? क्या यह मान कर चला जाता है कि सरकार के लिए यह सब सामान्य बात है ? यह सब होता रहा है और होता रहेगा ? इस पर चर्चा की कोई जरूरत नहीं ? यदि ऐसा है, तब तो सरकार के भ्रष्ट अफसरों और कर्मचारियों को भी इस सन्नाटे से प्रकारांतर से एक बार फिर संदेश चला जाता है। ऐसी सनसनीखेज खबर पर भी घोर सन्नाटे का संदेश साफ  है। संदेश यह कि ‘‘हम जो चाहें करें, हम पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। कोई आवाज नहीं उठेगी।’’ कहीं से कोई आवाज नहीं उठेगी।आज पुलिस थानों और अंचल कार्यालयों में क्या हो रहा है ? क्या नहीं हो रहा है ? अत्यंत थोड़े से अपवादों को छोड़कर जब पूरे कुएं में भांग पड़ी हो तो आखिर होना-जाना क्या है ? पीड़ित तो मूक जनता होती है। ऐसे में पटना हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की ज्म्मिेदारी बढ़ जाती है। एक केंद्रीय मंत्री को लाचार देखकर अदालतों को संज्ञान लेना चाहिए। अदालतें ही समय -समय पर भ्रष्टाचार के राक्षसों से निरीह लोगों को कई बार बचाती रही हैैं। 

केंद्रीय मंत्री 'मांझी' ने क्या कहा था....

जीतनराम मांझी ने दो दिन पहले सरकार के वरिष्ठ अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कल्याण विभाग के सचिव पर कमीशन खोरी का आरोप लगाया था. जीतन मांझी ने कहा था कि कल्याण सचिव केवल कलम चलाते हैं और भ्रष्टाचार की राशि उन तक भी पहुंचती है. एनडीए की सहयोगी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक व केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी अपने संसदीय क्षेत्र गया के दौरे पर थे . इस दौरान उन्होंने नीतीश सरकार की प्रशासनिक विफलता और सरकारी योजनाओं में असफलता पर अधिकारियों की फटकार लगाई. कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि वह सचिवालय में बैठकर केवल कलम चलाते हैं और भ्रष्टाचार की राशि उन तक भी पहुंचती है. उन्होंने बताया कि डोभी प्रखंड के त्रिलोकीचक गांव में एक अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय बनाया जा रहा है. वहां घटिया किस्म का निर्माण कराया जा रहा है. अगर ऐसा निर्माण हुआ तो दो-चार वर्ष के बाद ही शेड्यूल कास्ट का आवासीय विद्यालय ढह जाएगा.