Bihar Crime : नशे की लत ने उजाड़ दिया पूरा परिवार—पहले मां को पीटा, फिर बेटे ने खुद दे दी जान! Best River Rafting in India: तेज़ धार, ऊंचे पहाड़ और यादगार एडवेंचर... रिवर राफ्टिंग के लिए बेस्ट हैं ये 5 लोकेशन्स Bihar Energy News : बिहार में इस सरकारी कंपनी का जल्द आएगा IPO, ऑफिसर ने किया कन्फर्म; NSE में होगी लिस्टिंग ‘NDA ने चुनाव जीतने के लिए 125 यूनिट फ्री बिजली का 'झुनझुना' थमाया’, विद्युत दरों में बढ़ोतरी पर भड़के मुकेश सहनी ‘NDA ने चुनाव जीतने के लिए 125 यूनिट फ्री बिजली का 'झुनझुना' थमाया’, विद्युत दरों में बढ़ोतरी पर भड़के मुकेश सहनी Ganga Aarti : बिहार में बनारस जैसा नजारा! पटना के घाटों पर शुरू होगी भव्य गंगा महाआरती, जानिए कब और कहां क्या आपका चेहरा भी धूप में रहने से पड़ गया है काला? बिना पार्लर जाए अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय और लौटाएं त्वचा की खोई हुई निखार बड़ा ऐलान: अगली कैबिनेट में डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस पर लगेगी रोक, कई मेडिकल कॉलेजों को PPP मोड पर लाने की तैयारी..पॉलिसी बनाने पर काम शुरू, बड़े डॉक्टरों से मांगा गया सहयोग Census 2026 : अब सरकार जानेगी आपकी हर आदत, लिव-इन कपल्स को भी मिलेगा शादीशुदा दर्जा! घर में कितना अनाज यह भी बताना होगा इश्क, इंतकाम और कत्ल… ‘लेडी किलर’ की सनसनीखेज दास्तान, बिहार में दादा-पोती की हत्या का सच उजागर
09-Mar-2025 04:38 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Politics: चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर बिहार में अपनी सियासी जमीन तलाश रहे हैं। एक साल तक बिहार के पंचायतों की धूल फांकने के बाद बीते उपचुनावों में जन सुराज ने कोशिश तो की लेकर नाकामी ही हाथ लगी। अब बिहार में विधानसभा के चुनाव होने से ऐसे में प्रशांत किशोर सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहे हैं। इसी बीच उन्होंने एक पुरानी भूल की चर्चा कर दी, जिसके लिए वह आज भी उन्हें बहुत पछतावा होता है।
दरअसल, प्रशांत किशोर ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बेदाग छवि को देखकर उनके साथ जुड़े थे। उनकी इसी छवि को देखकर उन्हें मुख्यमंत्री बनाए रखने के लिए आरजेडी से गठबंधन करने की सलाह दी थी लेकिन वह मेरी अबतक की सबसे बड़ी भूल थी। इस दौरान वे सीएम नीतीश कुमार और तेजस्वी पर खूब बरसे।
प्रशांत किशोर ने कहा कि साल 2014 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार प्रगति कर रहा था लेकिन मुख्यमंत्री बने रहने के लिए उन्होंने साल 2015 में प्रदेश की राजनीति में नई परंपरा की शुरुआथ कर दी थी। वह सत्ता में बने रहने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाने लगा। नीतीश कुमार ने सभा राजनीतिक मर्यादा को ताक पर रख दिया। जिसके कारण उनसे दूरी बना ली।
पीके ने कहा कि अब तो हालात और भी खराब हो गए हैं। सिर्फ नीतीश कुमार ही पलटू राम नहीं हैं बल्कि सत्ता में बने रहने के लिए तेजस्वी यादव और बीजेपी के लोग भी किसी हद तक समझौता करने के लिए तैयार रहते हैं। अब ये सभी लोग पलटू राम बन गए हैं। बिहार को इनसे मुक्ति दिलाने के लिए आने वाले विधानसभा चुनाव में सभी 243 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेंगे और जन सुराज पार्टी का किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं होगा।