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विशेष राज्य के दर्जे से परहेज, लेकिन बिहार के लिए केंद्र से मांग रहे हैं विशेष सहायता अनुदान

31-Dec-2021 09:29 AM

PATNA : बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए जहां जेडीयू और विपक्ष एक सुर है वहीं बीजेपी का इस पर अलग स्टैंड है. बीजेपी के नेता बार बार कह रहे हैं कि बिहार को स्पेशल स्टेटस की जरूरत नहीं है, केंद्र से बहुत कुछ मिल रहा है. लेकिन अब बीजेपी अब इस मुद्दे पर बैकफुट पर आती दिख रही है. हालांकि वह विशेष राज्य नहीं लेकिन विशेष अनुदान की मांग जरूर कर रही है.


नीति आयोग की रिपोर्ट के बाद विकास की दौड़ में पिछड़ने से बचने के लिए बिहार ने केंद्र सरकार से विशेष सहायता अनुदान की मांग की है. प्रदेश के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने दिल्ली में आयोजित देशभर के वित्त मंत्रियों की बैठक में गुरुवार को यह मांग उठाई. 2022-23 के आम बजट में राज्यों की मांग पर चर्चा के लिए यह बैठक बुलाई गई थी. बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की. 


बिहार सरकार की ओर से दिए ज्ञापन में कई मांग की गई है. उसमें कहा गया है कि नीति आयोग के 12 सूचकांकों में बिहार को राष्ट्रीय औसत के स्तर पर लाने के लिए भारत सरकार से अतिरिक्त संसाधन की जरूरत है. इसके अलावा राजकोषीय घाटे के लक्ष्य और उधारी की क्षमता को 2022-23 तक के लिए पांच फीसदी तक करने का आग्रह केंद्र  सरकार से किया गया है. 


वहीं, समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षकों के वेतन मद में केंद्र सरकार से 60 फीसदी राशि का वहन करने की मांग की गई है. इसके अलावा अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में कोटा हटाने की मांग करते हुए सभी छात्रों को इससे जोड़ने की मांग की गई है. अनुसूचित जाति एवं जनजाति  निवारण योजना के तहत मिलने वाले मुआवजे की बकाया राशि भी जल्द से जल्द जारी करने का अनुरोध किया गया है. 


इसके अलावा इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन के तहत 4285 करोड़ की मांग की है. 2491 करोड़ पूरक पोषाहार योजना के तहत वार्षिक आवंटन के तहत उपलब्ध कराने की मांग की है. ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए भी अनुदान मांगी है. राज्य में पांच हजार नई बैंक शाखाओं की स्थापना की जरूरत भी जताई गई.


अब सवाल उठता है कि जब बिहार के विकास के लिए इतने अनुदान की मांग की जा रही है तो विशेष राज्य के दर्जे की मांग से बीजेपी के नेता परहेज क्यों कर रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इसकी आवश्यकता बता चुके हैं. लेकिन डिप्टी सीएम रेणु देवी से लेकर तमाम बीजेपी के नेता मंत्री इसको ख़ारिज करते रहे हैं.