अरवल में हम पार्टी का सदस्यता अभियान तेज, गरीब चौपाल यात्रा से जनता की समस्याओं को मिलेगा मंच: डॉ. संतोष सुमन रोहतास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 कुख्यात अपराधियों को दबोचा, कई कांडों का किया खुलासा मुजफ्फरपुर कांग्रेस में ‘दो’ जिलाध्यक्ष? आलाकमान की सूची ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, चर्चाओं का बाजार गर्म आरा-मोहनिया नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रक की टक्कर से 10 वर्षीय बच्ची की मौत, मामा घायल भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, अवैध करेंसी के साथ 2 तस्करों को दबोचा पटना में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 128 नशीले इंजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तार मुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका BIHAR CRIME: अरवल में दिनदहाड़े फायरिंग, इलाके में मचा हड़कंप बरारी में राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता का भव्य स्वागत, विकास के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?
06-Dec-2020 04:07 PM
PATNA: कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा कि भले ही बिहार में इस बार कांग्रेस ने प्रदर्शन ठीक नहीं किया और हार हुई है, लेकिन उससे हमलोग निराश नहीं हैं. फिर से कांग्रेस को खड़ा करेंगे. इस दौरान पार्टी के नेताओं को नसीहत भी दे डाली.
राहुल से सीखे बिहार के नेता
तारिक अनवर ने कहा कि चुनाव में हार होने पर छोटे नेता तक अपना पद छोड़ने के लिए तैयार नहीं होते हैं. वह हर हाल में पद पर बने रहना चाहते हैं. लेकिन ऐसे लोगों को राहुल गांधी से सिखना चाहिए. 2019 में लोकसभा चुनाव हारने के बाद जिम्मेवारी लेते हुए उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था. उनकी जितनी भी तारीफ की जाए वह कम होगी. ऐसा कोई राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं किया हैं.
बिहार में कांग्रेस की जड़
तारिक अनवर ने कहा कि एक समय था जब बिहार में कांग्रेस की जड़ मजबूत होती थी. एक बार फिर से कांग्रेस को उसी स्थिति में लाना है. एक हार से हम निराश होने वाले नहीं हैं. बिहार में हार की जिम्मेवारी कौन लेगा इसको लेकर तारिक ने कहा कि इसका फैसला तो आलाकामन को करना हैं. तारिक ने कहा कि बिहार में किसानों की स्थिति खराब है. यहां के किसानों को एमएसपी नहीं मिल रहा है. आज किसानों को कांग्रेस की जरूरत है. पार्टी भी उनके साथ मजबूती के साथ खड़ी है. नोटबंदी के दौरान भी केंद्र सरकार ने बिना सोचे समझे लागू कर दिया. जिसके कारण देश में बेरोजगारी बढ़ी है. कृषि बिल के दौरान भी सरकार को पहले बातचीत करनी चाहिए थी. लेकिन सरकार ने नहीं किया. जिसके कारण लाखों किसान आज सड़क पर उतरे हैं. बता दें कि इससे पहले भी तारिक ने बिहार में कांग्रेस की हार को लेकर यहां के नेताओं पर निशाना साधते हुए नेतृत्व परिवर्तन की जरूरत बताई थी और कहा था कि इस हार की जिम्मेवारी नेताओं को लेनी चाहिए.