Ration Card : सरकारी योजनाओं के फर्जी लाभार्थियों पर सख्त कार्रवाई, 1.86 लाख संदिग्धों को राशन कार्ड से हटाने का नोटिस

Ration Card : बिहार में सरकारी योजनाओं के फर्जी लाभार्थियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। पीएम किसान सम्मान निधि पाने वाले और चारपहिया वाहन रखने वाले कई लोग राशन कार्ड के जरिए मुफ्त अनाज ले रहे थे।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 12 Feb 2026 01:35:54 PM IST

Ration Card : सरकारी योजनाओं के फर्जी लाभार्थियों पर सख्त कार्रवाई, 1.86 लाख संदिग्धों को राशन कार्ड से हटाने का नोटिस

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Ration Card : बिहार में सरकारी योजनाओं के फर्जी लाभार्थियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के लाभार्थियों और चारपहिया वाहन रखने वाले कई लोग राशन कार्ड के माध्यम से मुफ्त अनाज ले रहे थे। जांच में अब तक 1.86 लाख से अधिक संदिग्ध लाभार्थी सामने आए हैं। प्रशासन ने उन्हें 21 फरवरी तक जवाब देने का निर्देश दिया है, अन्यथा उनके नाम राशन कार्ड सूची से हटा दिए जाएंगे।


जांच में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां व्यक्ति पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी होने के बावजूद राशन कार्ड से अनाज ले रहे हैं। वहीं, कुछ ऐसे लाभार्थी भी हैं जिनके पास दो मंजिला पक्का मकान या चारपहिया वाहन होने के बावजूद वे गरीबों की श्रेणी में आते हुए मुफ्त अनाज का लाभ ले रहे थे। यह मामला एक-दो का नहीं, बल्कि हजारों लोगों से संबंधित है।


प्रशासन ने अब गलत तरीके से लाभ लेने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मुख्य रूप से उन लोगों की पहचान की जा रही है जिनके पास चारपहिया वाहन है या जो पीएम किसान सम्मान निधि की पात्रता शर्तों के अनुरूप लाभार्थी नहीं हैं। ऐसे सभी लाभार्थियों को नोटिस जारी किया गया है।


कार्रवाई की तैयारी के तहत एक लाख 86 हजार से अधिक संदिग्ध लाभार्थियों की सूची तैयार की गई है। सभी लाभार्थियों को 21 फरवरी तक अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। यदि किसी लाभार्थी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो उनका नाम राशन कार्ड सूची से हटा दिया जाएगा। वर्तमान में जिले में चार लाख से अधिक लाभार्थी हैं, जिनमें से यह कार्रवाई केवल संदिग्ध लाभार्थियों पर केंद्रित है।


एसडीओ राजकुमार ने स्पष्ट किया कि जिन लाभार्थियों के पास चारपहिया वाहन (कार, एसयूवी आदि) है या जो पीएम किसान सम्मान निधि की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते, वे राशन कार्ड के हकदार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सभी चिह्नित लाभार्थियों को दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है, और निर्धारित तिथि तक जवाब न देने वालों के नाम काट दिए जाएंगे।


संदिग्ध लाभार्थियों की सूची प्रखंडों और पंचायत स्तर पर सार्वजनिक की जा रही है। वर्तमान में विभिन्न प्रखंडों में चिन्हित लाभार्थियों की संख्या इस प्रकार है:

16,427 लाभार्थी एक प्रखंड में

11,789 लाभार्थी अमरपुर प्रखंड में

7,174 लाभार्थी रजौन प्रखंड में

16,600 लाभार्थी कटोरिया प्रखंड में

8,500 लाभार्थी फुल्लीडुमर प्रखंड में

7,655 लाभार्थी बाराहाट प्रखंड में

11,827 लाभार्थी बौंसी प्रखंड में

3,795 लाभार्थी शंभूगंज प्रखंड में

अन्य प्रखंडों की सूची भी तैयार की जा रही है और इसे पंचायतों में चिपकाया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यदि 21 फरवरी तक लाभार्थियों द्वारा आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं किए गए, तो उनके नाम सूची से हटा दिए जाएं।


राशन कार्ड के लिए सरकार द्वारा तय प्रमुख पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:

परिवार की वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर हो। परिवार के किसी सदस्य के नाम पर चारपहिया वाहन नहीं होना चाहिए। आयकरदाता परिवार राशन कार्ड के पात्र नहीं माने जाएंगे। उच्च वेतनभोगी सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी सदस्य होने पर पात्रता समाप्त हो सकती है। परिवार के नाम पर निर्धारित सीमा से अधिक कृषि भूमि या व्यावसायिक संपत्ति नहीं होनी चाहिए। एक परिवार के नाम पर केवल एक ही राशन कार्ड मान्य होगा। आधार और अन्य दस्तावेज अद्यतन और सत्यापित होना आवश्यक है।


प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल गरीबों और वास्तव में पात्र लाभार्थियों के हक को सुरक्षित करने के लिए की जा रही है। गलत तरीके से लाभ लेने वाले अब अपनी स्थिति स्पष्ट करें या सूची से नाम हटाए जाने का जोखिम उठाएं। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम भ्रष्टाचार और शोषण रोकने में मदद करेगा और सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचेगा। यह अभियान उन लोगों के लिए चेतावनी भी है जो योजनाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं। प्रशासन लगातार सभी प्रखंडों में निगरानी बढ़ा रहा है और फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर कार्रवाई कर रहा है।