ब्रेकिंग न्यूज़

22 साल बाद भारतीय सेना से रिटायर हुए नरेश प्रसाद, नक्सल प्रभावित गांव में हुआ भव्य स्वागत Bihar Assembly : बिहार विधानसभा में नीतीश-तेजस्वी का मजेदार संवाद, सीएम ने कहा- “बैठो न यार”, हल्की-फुल्की नोक-झोंक बनी चर्चा Budget Session : विधानसभा में विजय सिन्हा और भाई वीरेंद्र के बीच भिडंत, स्पीकर ने संभाली स्थिति Bihar Budget Session : बिहार विधानसभा में गरमाई सियासत: तेजस्वी यादव ने सरकार पर लगाए आरोप, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा - तुमलोग कुछ काम किए हो जी Budget Session : सेंट्रल हॉल में क्या हुआ था CM नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच बातचीत, सदन में नेता विपक्ष ने बताई पूरी कहानी Bihar Assembly : महिलाएं बिकती हैं..! तेजस्वी के बयान पर विधानसभा में बवाल..सत्ता पक्ष की महिला सदस्यों का भारी विरोध Bihar Assembly : अन्याय के साथ पूरे बिहार में हो रहा विनाश, सदन में बोलें तेजस्वी यादव - 11 साल से बिहार के लोगों को सुनाई जा रही घिसी-पिटी बातें Google से मोबाइल नंबर निकालते हैं तो हो जाएं सावधान! बिहार में फर्जी कॉल सेंटर से चल रहा बड़ा खेल; अबतक पांच सौ लोगों से साइबर ठगी Google से मोबाइल नंबर निकालते हैं तो हो जाएं सावधान! बिहार में फर्जी कॉल सेंटर से चल रहा बड़ा खेल; अबतक पांच सौ लोगों से साइबर ठगी Bihar Crime News: ग्रामीणों के हत्थे चढ़ा कोढ़ा गैंग का शातिर बदमाश, लूटपाट के बाद भाग रहे अपराधी को लोगों ने दबोचा; पिस्टल-गोली बरामद

सुशील मोदी ने JNU छात्रों को बताया शहरी नक्सली, कहा- कैंपस में करते हैं पब्लिक किसिंग

सुशील मोदी ने JNU छात्रों को बताया शहरी नक्सली, कहा- कैंपस में करते हैं पब्लिक किसिंग

19-Nov-2019 08:10 PM

PATNA: भाजपा नेता और बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने जेएनयू छात्रों को शहर नक्सली करार दिया है. ट्वीट कर लिखा कि ये कैंपस में पब्लिक किसिंग करते हैं.






फीस कोई मुद्दा नहीं

जेएनयू छात्रों के फीस बढ़ाने पर जो आंदोलन छात्र कर रहे हैं उसको लेकर सुशील मोदी ने ट्वीट किया कि’’ जेएनयू में फीस वृद्धि कोई इतना बड़ा मुद्दा नहीं कि इसके लिए संसद मार्च निकाला जाए.


कैंपस में करते है पब्लिक किसिंग

सुशील ने ट्वीट कर बताया कि ‘’हकीकत यह है कि जो शहरी नक्सली इस कैम्पस में बीफ पार्टी, पब्लिक किसिंग, महिषासुर महिमामंडन, स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का मानभंजन और देश के टुकड़े-टुकड़े करने के नारे लगाने जैसी गतिविधयां में संलिप्त रहे, वे अब गरीब परिवारों के छात्रों को गुमराह कर राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं.