1st Bihar Published by: MANOJ KUMAR Updated Mar 25, 2026, 9:15:29 PM
रामनवमी पर कड़ी सुरक्षा - फ़ोटो रिपोर्टर
MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर जिले में आगामी 27 मार्च 2026 को मनाये जाने वाले रामनवमी पर्व को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा संभाल रहे हैं। शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहार संपन्न कराने के लिए मुजफ्फरपुर पुलिस ने एक विस्तृत सुरक्षा ब्लूप्रिंट तैयार किया है, जिसके तहत संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल की तैनाती और आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
कुल मिलाकर करीब 550 पुलिसकर्मी और मजिस्ट्रेट की तैनाती रहेगी साथ ही बाहर से आए पुलिस की तीन कंपनी भी संभालेगी सुरक्षा का जिम्मा । साथ ही साथ सभी डीएसपी की से कुल मिलाकर 8 क्विक रिस्पांस टीम बनाया गया है जो सभी इलाकों में क्षेत्र के अनुसार मोर्चो संभाले रहेगी ।
तीन लेयर में होगी सुरक्षा और मॉनिटरिंग: एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि जिले की विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। शरारती तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जिले में तीन प्रमुख स्थानों पर हाई-टेक CCTV कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इन कंट्रोल रूम के जरिए भीड़भाड़ वाले इलाकों और जुलूस मार्गों की चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, रामनवमी के जुलूसों की हवाई निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जाएगा, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
जुलूसों के साथ चलेगा पुलिस स्कॉर्ट: SSP कांतेश कुमार मिश्रा के अनुसार, जिले में निकलने वाले प्रत्येक जुलूस के साथ पुलिस स्कॉर्ट, दंडाधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। यह टीम जुलूस के शुरू होने से लेकर मूर्तियों के विसर्जन के उपरान्त वापस लौटने तक साथ रहेगी। बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए अतिरिक्त बल को जिले के सभी महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर तैनात कर दिया गया है।
संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च और QRT: सुरक्षा का भरोसा दिलाने और उपद्रवियों को कड़ा संदेश देने के लिए जिले के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस द्वारा निरंतर फ्लैग मार्च किया जा रहा है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने और त्वरित कार्रवाई (Quick Response) के लिए महत्वपूर्ण स्थानों के निकट क्विक रिस्पांस टीम (QRT) की तैनाती की गई है। सभी थानों में पुलिस बलों को सुरक्षा उपकरणों के साथ 'मॉक ड्रिल' भी कराया गया है, ताकि वे किसी भी चुनौती के लिए तैयार रहें।
नदियों और घाटों पर SDRF की तैनाती:चूंकि रामनवमी के बाद मूर्ति विसर्जन की परंपरा है, इसलिए प्रशासन ने नदियों, घाटों, तालाबों और झीलों पर विशेष सतर्कता बरती है। संभावित विसर्जन स्थलों पर SDRF की टीम और गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति की गई है। एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि विसर्जन के दौरान नदियों में अवैध नावों का परिचालन किसी भी परिस्थिति में नहीं होने दिया जाएगा।
सोशल मीडिया पर कड़ी नजर
एसएसपी ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक संवाद प्रेषित करने वालों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की विशेष सेल सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स की निरंतर निगरानी कर रही है। एसएसपी ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि या भ्रामक पोस्ट दिखे, तो तुरंत इसकी सूचना पास के पुलिस स्टेशन या कंट्रोल रूम को दें।