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NCRB की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: भारत में अचानक जान गवां रहे युवा, हर घंटे 120 मौत; आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

NCRB Report: NCRB की रिपोर्ट में भारत में कामकाजी युवाओं की अचानक मौत के मामलों में बढ़ोतरी सामने आई है। हार्ट अटैक और सड़क दुर्घटनाएं प्रमुख कारण हैं, जिनमें पुरुषों की हिस्सेदारी अधिक पाई गई है।

NCRB Report
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

NCRB Report: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की वार्षिक रिपोर्ट में भारतीय युवाओं की अचानक हो रही मौतों को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, देश में 30 से 60 वर्ष आयु वर्ग के कामकाजी पुरुषों में आकस्मिक मृत्यु के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।


एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2017 में 30 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 23,396 लोगों की अचानक मौत हुई थी, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 42,688 तक पहुंच गई। रिपोर्ट में उन मौतों को आकस्मिक मृत्यु की श्रेणी में रखा गया है, जिनमें हिंसा को छोड़कर व्यक्ति की कुछ ही मिनटों में मौत हो जाती है। इसमें हार्ट अटैक, सड़क दुर्घटना और अन्य चिकित्सीय कारण शामिल हैं।


रिपोर्ट के अनुसार, युवाओं में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2017 में 30 से 60 वर्ष के 14,011 पुरुषों की हार्ट अटैक से मौत हुई थी, जबकि 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 23,600 हो गया।


कोविड-19 वैक्सीन को लेकर फैली आशंकाओं के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की रिसर्च में वैक्सीन और हार्ट अटैक के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया है। मंत्रालय के अनुसार, हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों के पीछे अन्य जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी कारण जिम्मेदार हैं।


एनसीआरबी रिपोर्ट में कहा गया है कि सड़क दुर्घटनाएं आज भी युवाओं की मौत का सबसे बड़ा कारण बनी हुई हैं। वर्ष 2017 में अचानक हुई कुल मौतों में 45.1 प्रतिशत मामले सड़क हादसों से जुड़े थे। वहीं 2024 में भी 43 प्रतिशत आकस्मिक मौतें सड़क दुर्घटनाओं के कारण हुईं। हालांकि सड़क परिवहन मंत्रालय लगातार सड़क सुरक्षा को लेकर दिशा-निर्देश जारी करता रहा है, इसके बावजूद सड़क हादसों में मौतों के आंकड़ों में कमी नहीं आई है।


रिपोर्ट के अनुसार, आकस्मिक मौतों के मामलों में पुरुषों की संख्या महिलाओं की तुलना में काफी अधिक है। वर्ष 2024 में देशभर में कुल 76,024 आकस्मिक मौतें दर्ज की गईं। इनमें 63,493 पुरुष और 12,521 महिलाएं शामिल थीं। हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में भी लगभग 80 प्रतिशत पुरुष और 20 प्रतिशत महिलाएं शामिल रहीं। NCRB के ये आंकड़े देश में युवाओं की स्वास्थ्य स्थिति और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रहे हैं।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता