ब्रेकिंग न्यूज़

मधुबनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: TOP-10 अपराधी और गांजा तस्कर नरेश यादव गिरफ्तार झारखंड के बोकारो में हाथियों का तांडव, एक ही परिवार के 3 लोगों की रौंदा मुजफ्फरपुर में सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग का वीडियो वायरल, तिमुल अध्यक्ष की फैमिली पर सवाल, ग्रामीण SP ने दिए जांच के आदेश पटना में बिना निशान थायरॉइड सर्जरी की ऐतिहासिक सफलता, रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल में नई मेडिकल उपलब्धि Bihar News: होली पर घर आना चाहते हैं तो आपके लिए है 285 स्पेशल ट्रेन, ECR ने दी जानकारी Bihar News: बिहार में अवैध खनन के खिलाफ सरकार सख्त, एक महीने में करीब पांच हजार जगहों पर छापेमारी; 673 वाहन जब्त Bihar News: बिहार में अवैध खनन के खिलाफ सरकार सख्त, एक महीने में करीब पांच हजार जगहों पर छापेमारी; 673 वाहन जब्त बिहटा के NSMCH में Annual College Fest “ADRENERGY 2.0” का भव्य शुभारंभ, 8 दिनों तक चलेगा कार्यक्रम मधुबनी: अंतर्राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश, चार ठग गिरफ्तार Bihar News: होली-ईद पर यात्रियों को बड़ी राहत, बिहार के इस शहर से दिल्ली, गुरुग्राम और अंबाला के लिए विशेष बस सेवा शुरू

जम्मू-कश्मीर में लगी पाबंदियों पर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई

जम्मू-कश्मीर में लगी पाबंदियों पर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई

13-Aug-2019 03:32 PM

By 2

DESK : जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद राज्य के वर्तमान हालात को लेकर दायर की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी. यह याचिका कांग्रेस कार्यकर्ता तेहसीन पूनावाला ने दायर की थी. इस पर जस्टिस अरुण मिश्रा, एम.आर. शाह और अजय रस्तोगी की बेंच सुनवाई करेगी. कश्मीर टाईम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन ने भी याचिका दायर की थी. इसमें कहा गया था कि अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद राज्य में पत्रकारों पर प्रतिबंध लगा दिए गए थे, जिसे तत्काल हटाए जाने चाहिए. पूनावाला ने कहा कि वह अनुच्छेद 370 पर कोई विचार नहीं रखते हैं, लेकिन राज्य से कर्फ्यू, फोन लाइन्स, इंटरनेट और न्यूज चैनल पर से प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए. केंद्र ने किया मौलिक अधिकारों का उल्लंघन: पूनावाला पूनावाला ने मांग की कि कोर्ट पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती जैसे नेताओं को रिहा करने का आदेश जारी करे. जमीनी हकीकत की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग की गठन करे. केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है.