ब्रेकिंग न्यूज़

रामनवमी से पहले घर में लाएं ये 5 शुभ चीजें, दूर होंगे वास्तु दोष; आएगी सुख-समृद्धि रामनवमी से पहले घर में लाएं ये 5 शुभ चीजें, दूर होंगे वास्तु दोष; आएगी सुख-समृद्धि ‘पटना के गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों को देंगे मुफ्त LPG सिलेंडर’, पप्पू यादव का बड़ा एलान बिहार दिवस पर सूबे को संवारने वाले मुख्यमंत्री को बधाई, JDU महासचिव 'सेतु' ने CM नीतीश से की मुलाकात...दी शुभकामनाएं बिहार में कॉलेज के गेस्ट फैकल्टी की संदिग्ध मौत, लॉज के कमरे में मिली लाश, जांच में जुटी पुलिस पटना के मुसल्लहपुर कृषि बाजार का होगा मॉडर्नाइजेशन, इतने करोड़ में तैयार होगा आधुनिक परिसर पटना के मुसल्लहपुर कृषि बाजार का होगा मॉडर्नाइजेशन, इतने करोड़ में तैयार होगा आधुनिक परिसर भूमि विवाद ने लिया खूनी रूप: 10 इंच जमीन के लिए बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या, विरोध में सड़क जाम बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी सख्त: 200 भ्रष्ट अफसरों और कर्मियों की डिजिटल फाइल तैयार; SP के नेतृत्व में विशेष टीम गठित बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी सख्त: 200 भ्रष्ट अफसरों और कर्मियों की डिजिटल फाइल तैयार; SP के नेतृत्व में विशेष टीम गठित

Home / news / जम्मू-कश्मीर में लगी पाबंदियों पर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई

जम्मू-कश्मीर में लगी पाबंदियों पर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई

13-Aug-2019 03:32 PM

By 2

DESK : जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद राज्य के वर्तमान हालात को लेकर दायर की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी. यह याचिका कांग्रेस कार्यकर्ता तेहसीन पूनावाला ने दायर की थी. इस पर जस्टिस अरुण मिश्रा, एम.आर. शाह और अजय रस्तोगी की बेंच सुनवाई करेगी. कश्मीर टाईम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन ने भी याचिका दायर की थी. इसमें कहा गया था कि अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद राज्य में पत्रकारों पर प्रतिबंध लगा दिए गए थे, जिसे तत्काल हटाए जाने चाहिए. पूनावाला ने कहा कि वह अनुच्छेद 370 पर कोई विचार नहीं रखते हैं, लेकिन राज्य से कर्फ्यू, फोन लाइन्स, इंटरनेट और न्यूज चैनल पर से प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए. केंद्र ने किया मौलिक अधिकारों का उल्लंघन: पूनावाला पूनावाला ने मांग की कि कोर्ट पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती जैसे नेताओं को रिहा करने का आदेश जारी करे. जमीनी हकीकत की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग की गठन करे. केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है.