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09-Nov-2023 02:55 PM
By First Bihar
PATNA: शीतकालीन सत्र के चौथे दिन बिहार सरकार की तरफ से विधानसभा में आरक्षण संशोधन विधेयक पेश किया गया। राज्य सरकार द्वारा जातीय गणना कराए जाने के बाद बिहार में आरक्षण का दायरा 75 फीसदी करने का सरकार ने प्रस्ताव दिया है। जिसका बीजेपी समेत अन्य विपक्षी दलों ने समर्थन किया है। विधानसभा में सर्व सम्मति से संशोधन का प्रस्ताव पारित हो गया है।
दरअसल, नीतीश सरकार ने जातीय गणना की रिपोर्ट के आधार पर राज्य में आरक्षण का दायरा 15 फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। कैबिनेट से इसे मंजूरी भी मिल चुकी है। राज्य में ओबीसी, ईबीसी, एससी और एसटी वर्ग को मिलाकर अभी जो 50 फीसदी आरक्षण मिल रहा है, उसे बढ़ाकर 65 फीसदी किया जाना है। इसके अलावा ईडब्लूएस कैटगरी को 10 फीसदी आरक्षण अलग से मिलता रहेगा।इस तरह राज्य में कुल 75 फीसदी आरक्षण किए जाने का प्रस्ताव है।
इसके मुताबिक राज्य में पिछड़ा वर्ग को 18 फीसदी, अति पिछड़ा वर्ग को 25 फीसदी, एससी को 20 फीसदी और एसटी को 2 फीसदी आरक्षण दिए जाने का प्रावधान है।दोनों सदनों से बिल पारित होने के बाद सरकार आरक्षण का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजेगी।बीजेपी ने नीतीश सरकार के आरक्षण लिमिट बढ़ाने के प्रस्ताव का समर्थन किया है।
बता दें कि आरक्षण में 9 संशोधन हैं। जातीय गणना के सामाजिक एवं आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट जारी करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 75 फीसदी तक करने का प्रस्ताव दिया था। विधानसभा में सर्व सम्मति से प्रस्ताव के पास होने के बाद इसे विधान परिषद में पेश किया जाएगा, जहां से आरक्षण संशोधन विधेयक आसानी से पास हो जाएगा।