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SDRF और ड्रोन कैमरे की मदद से 24 घंटे बाद मजदूर का शव बरामद, 33 हजार वोल्ट के गिरे पोल को ठीक करने के दौरान बह गया था किऊल नदी के तेज धार में

18-Sep-2024 06:30 PM

By Dhiraj Kumar Singh

JAMUI: जमुई के क्यूल नदी में 33 हजार वोल्ट के गिरे पोल को ठीक करने के दौरान नदी के तेज धार में बहने से मजदूर की मौत हो गयी। घटना के  24 घंटे के बाद एसडीआरएफ और ड्रोन कैमरे की मदद से शव को बरामद किया गया। इस दौरान ढाई घंटे तक मलयपुर जमुई मुख्य मार्ग पूरी तरह जाम रहा। क्यूल नदी के बीच तेज धार में 33 हजार वोल्ट तार के सहारे ही बीच नदी में बिना रस्सी और सेफ्टी किट के तार को ठीक करने का लाइव तस्वीर भी सामने आया है। मेंटेनेंस कार्य कर रहे संवेदक सहित बिजली अधिकारियों के खिलाफ परिजनों ने थाने में लिखित शिकायत की है।


जमुई के मलयपुर मुख्य मार्ग स्थित किउल नदी में मंगलवार की शाम 33 हजार केवी के गिरे पोल को दुरुस्त करने गए मजदूर के डूबने के बाद 24 घंटे के बाद शव बरामद हुआ। मजदूर की पहचान खैरा थाना क्षेत्र के जीतझींगोई गांव के सरसा टोला निवासी सत्यराम यादव के पुत्र 28 वर्षीय पुत्र विवेक यादव के रूप में हुई।बताया जाता है कि दो दिन से हो रही बारिश से पत्नेश्वर स्थित किउल नदी में बारिश का पानी बढ़ जाने से 33 हजार केवी का पोल नदी में गिर गया।जिससे शहरी क्षेत्र के सर्किल 1 की बिजली बाधित हो गई।कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार गुप्ता द्वारा इसे दुरुस्त करने का निर्देश मेंटेनेंस के संवेदक को दिया।मेंटेनेंस में पंहुचे मजदूरों ने नदी में पानी की तेज धार को देख काम करने से मना कर दिया।लेकिन बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता और मेंटेनेंस कंपनी की ओर से संजय कुमार भालोटिया ने मजदूरों पर दबाब देकर नदी में गिरे तार को एक छोर से दूसरे छोर तक ले जाने और बीच नदी में बांस लगाकर खड़ा करने का फरमान जारी कर दिया।


इसी दौरान कार्य कर रहे मजदूर तार को एक चोर से दूसरे छोर ले जाने लगे।बीच नदी में जाने के बाद उक्त मजदूर का हाथ तार को ले जाने के दौरान छूट गया और वो नदी में डूब गया।और तेज धार में बह गया।मजदूर के डूबने के बाद सभी मजदूर अपने स्तर से काफी खोजबीन की।लेकिन मजदूर का नहीं पता चला।मजदूर के डूबने के दो घंटे के बाद स्थानीय प्रशासन को ग्रामीणों ने दी।सूचना पाकर बरहट सीओ मंयक अग्रवाल, जमुई सीओ ललिता कुमारी,मलयपुर थानाध्यक्ष विकास कुमार मौके पर पहुच मजदूर की तलाश में स्थानीय गोताखोर को लगाया।लेकिन अंधेरा छा जाने के कारण मजदूर का कुछ नहीं पता लगने पर सुबह एसडीआरएफ की टीम बुलाने की बात कह सभी निकल पड़े।इस दौरान ना ही बिजली विभाग के कोई अधिकारी और संवेदक घटनास्थल पर नहीं पंहुचे।मजदूर के पिता बार बार रोते बिलखते कह रहे थे कि मेरा बेटा को जबर्दस्ती इस पानी मे संवेदक द्वारा काम करने को कहा गया।


 खैरमा स्थित किउल नदी में गिरे 33 केवी बिजली पोल को दुरुस्त करने गए मजदूर जितझींगोई निवासी विवेक यादव की डूबने के 18 घंटे युवक का पता नहीं चलने से बुधवार को स्वजन व ग्रामीण आक्रोशित हो गए।धीरे-धीरे लोगों की काफी भीड़ उमड़ पड़ी और पत्नेश्वर चौक के समीप सड़क को जाम कर दिया।इस दौरान आक्रोशित लोगों ने जमकर बवाल काटा।साथ ही बिजली विभाग के अधिकारियों और संवेदक पर लापरवाही का आरोप लगाकर अड़े रहे। जाम की वजह से सड़क के दोनों तरफ  छोटी बड़ी वाहनों की लंबी कतार लग गई।आकर्षित लोगों ने बताया कि कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार गुप्ता और संवेदक संजय कुमार भलोटिया उर्फ डब्बू द्वारा जबरण मजदूर को मोरम्मति कार्य करने के लिए जबरन बिना सेफ्टी के नदी में भेजा गया था।


जिस वजह से मजदूर विवेक यादव डूब गया।फिर सूचना के बाद मौके पर पहुंचे बीडीओ श्रवण कुमार पांडेय, सीओ और थानाध्यक्ष विकास कुमार,बरहट थानाध्यक्ष कुमार संजीव द्वारा लोगों को समझाबुझा कर कड़ी मस्कत से दो घंटे के बाद जाम को हटाया गया।हालांकि इस दौरान पुलिस केंद्र से दंगा नियंत्रण बल को भी बुलाया गया।इस दौरान मजदूर की मां-पत्नी अपनी गोद मे छोटी बच्ची को लेकर बीच सड़क पर न्याय करने की मांग को लेकर लेट गई।सभी का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।पूरे परिवार में मातमी सन्नाटा पसर गया।मजदूर को दो बेटी तीन साल की मानवी और दो साल की मानसी है।


जिसके बाद बेगूसराय से एसडीआरएफ की छह सदस्यीय टीम दो बोट लेकर पहुचीं।टीम द्वारा घंटों नदी में युवक को खोजा गया।लेकिन युवक का कुछ पता नहीं चल रहा था।इसी खोजबीन के दौरान मजदूर के स्वजन द्वारा ड्रोन कैमरा लाया गया।जिसके बाद युवक का शव घटनास्थल से एक किलोमीटर दूर सदर थाना क्षेत्र के दौलतपुर घाट के समीप बीच नदी में काश घास में फसा दिखा।जिसके बाद स्वजनों के मदद से एसडीआरएफ के बोट पर लेकर खैरमा नदी घाट पर लाया गया।जिसके बाद युवक के शव को एम्बुलेंस से पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।


वहीं शव मिलते ही स्वजनों में कोहराम मच गया।मृतक के पत्नी और मां बिलख बिलख कर एक ही बात दुहरा रही थी।कि संवेदक ने जबर्दस्ती काम पर बुला कर जान ले ली।इस मामले में मजदूर के पिता सत्यनरायण यादव ने मलयपुर थाना में लिखित आवेदन दिया है।अपने आवेदन में उन्होंने बताया कि उनके पुत्र को संवेदक डब्लू भलोटिया ने कहा कि कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, और कनीय अभियंता जमुई का निर्देश है।नहीं काम करोगे तो काम से निकाल देंगें की बात बोल कर वो बुला कर नदी में तेज धार चल रहे पानी मे मेरे बेटे को डूबा कर मार दिया।इस संबंध में मलयपुर थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि मृतक के पिता के आवेदन के अनुसार मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।news imagenews imagenews imagenews imagenews imagenews imagenews imagenews imagenews image

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