ब्रेकिंग न्यूज़

रोहतास को 480 करोड़ की सौगात: सीएम नीतीश बोले..बदल चुका है बिहार बिहार में ANTF और STF की बड़ी कार्रवाई: 80 लाख की हीरोइन के साथ 5 तस्कर गिरफ्तार सबसे बड़े गुनाहगार पर एक्शन कब ? महिला MVI की गाड़ी पर सवार होकर वसूली करने वाला 'भतीजा' गया जेल, दफ्तर में भी बैठकर करता था अवैध काम रायफल से खूंटा ठोकाला! बर्थडे पार्टी में आर्केस्ट्रा गर्ल ने बंदूक लहराई, अश्लील गानों पर लगाए ठुमके – वीडियो वायरल BIHAR NEWS : सुनसान पहाड़ पर बिहार सरकार बनाएगी हाई सिक्योरिटी जेल, सम्राट चौधरी ने किया एलान 31 मार्च से पहले कर लें यह 5 काम, नहीं तो बाद में हो सकते है परेशान LALU YADAV : दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा झटका! लालू यादव की याचिका खारिज, रेलवे लैंड फॉर जॉब घोटाले में जांच जारी विजय सिन्हा का बड़ा ऐलान: बिहार में अवैध मीट शॉप होंगे बंद, बिना लाइसेंस नहीं खुलेगी दुकान BIHAR NEWS : मोकामा की हॉट सीट पर अनंत सिंह के तीन बेटों में से कौन बनेगा विधायक? कहा -दूकान से खरीदने की चीज़ नहीं जो .... राज्यसभा जाने से पहले बिहार के 6 लाख शिक्षकों को गिफ्ट देंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, करोड़ों छात्र-छात्राओं को भी मिलेगी राहत

Home / news / सीएम नीतीश ने सात निश्चय की योजनाओं में तेजी लाने का दिया निर्देश,...

सीएम नीतीश ने सात निश्चय की योजनाओं में तेजी लाने का दिया निर्देश, बचे हुए टोलों की सड़क जल्द बनेगी

28-Oct-2019 02:35 PM

By Rahul Singh

PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय की योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सीएम नीतीश ने अधिकारियों से कहा है कि वह विभाग की तरफ से सात निश्चय से जुड़ी योजनाओं में तेजी लाएं। मुख्यमंत्री ने उन दोनों में जल सड़क निर्माण का आदेश दिया है जहां अब तक काम अधूरा है। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा विभागीय मंत्री शैलेश कुमार, मुख्य सचिव दीपक कुमार भी मौजूद रहे। सीएम नीतीश ने बैठक में ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों को कहा कि ग्रामीण सड़कों के रखरखाव के लिए बनाई गई मेंटेनेंस पॉलिसी को लोक शिकायत निवारण अधिनियम के दायरे में लाया गया है इसलिए इसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि चीफ इंजीनियर से लेकर जूनियर इंजीनियर तक के स्तर पर ग्रामीण सड़कों के निरीक्षण के लिए एक सिस्टम डेवलप किया जाए। 

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि विभाग में अगर इंजीनियरों और तकनीकी पदाधिकारियों की कमी है तो उसे तुरंत दूर किया जाए। काम में कोताही बरतने वाले ठेकेदारों के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों और इंजीनियरों पर भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।