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13-May-2022 07:53 AM
PATNA : चुनाव आयोग में राज्यसभा के लिए इलेक्शन शेड्यूल जारी कर दिया है। बिहार की 5 राज्यसभा सीटों समेत कुल 57 सीटों के लिए चुनाव कराए जाने हैं लेकिन बिहार में जिन 5 सीटों पर चुनाव होंगे दरअसल उनपर किस का दावा मजबूत है इसे हर कोई जानना चाहता है। फिलहाल जिन सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है उनमें गोपाल नारायण सिंह, सतीश चंद्र दुबे, मीसा भारती, आरसीपी सिंह के साथ-साथ शरद यादव का नाम शामिल है। शरद यादव को छोड़कर बाकी चार सांसदों का कार्यकाल 7 जुलाई को खत्म होगा। शरद यादव की सीट 4 दिसंबर 2017 की तारीख से ही खाली है। इन 5 सीटों के लिए 10 जून को मतदान होना है लेकिन राज्यसभा की सीटों पर किस का दावा मजबूत है यह दरअसल विधानसभा में सभी दलों की राजनीतिक स्थिति पर निर्भर करेगा।
बिहार विधान सभा का अंकगणित ही यह तय करेगा कि राज्यसभा में किस पार्टी के कितने सांसद जा पाएंगे। बिहार विधानसभा की कुल संख्या 243 है, इस लिहाज से एक सीट के लिए 41 वोट की जरूरत होगी। ऐसे में अगर देखा जाए तो एनडीए को 3 सीट के लिए कुल 123 वोटों की जरूरत है, यानी बहुमत के आंकड़े को देखते हुए एनडीए से तीन चेहरे राज्यसभा जाएंगे। फिलहाल बीजेपी, जेडीयू, हम और निर्दलीयों को जोड़ दें तो एनडीए की संख्या विधानसभा में 127 होती है। ऐसे में बीजेपी की संख्या को देखते हुए उसके 2 सदस्य और जेडीयू के एक सदस्य का राज्यसभा जाना तय है। वहीं दूसरी तरफ आरजेडी के ऊपर भी यही फार्मूला लागू होता है। आरजेडी के साथ उसके सहयोगी दलों को जोड़ दिया जाए तो कुल संख्या 92 पहुंचती है। आरजेडी को 2 सदस्यों के लिए कुल 82 वोट की जरूरत है और उसके पास आवश्यकता से 10 वोट ज्यादा हैं। यानी आरजेडी के कोटे से 2 सदस्यों का राज्यसभा जाना तय है। कांग्रेस के फिलहाल 19 विधायक हैं लेकिन वह किसी भी स्थिति में अपने किसी सदस्य को राज्यसभा नहीं भेज सकती।
उधर जदयू के राज्यसभा सदस्य रहे स्व. किंग महेंद्र के निधन के कारण खाली हुई सीट पर उपचुनाव हो रहा है। इस सीट पर जेडीयू के ही किसी उम्मीदवार का राज्यसभा जाना तय है। जेडीयू ने ऐलान कर रखा है कि 19 जून को उनकी पार्टी की तरफ से उम्मीदवार का नामांकन पत्र दाखिल होगा।