ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में अपराधियों का तांडव: बाइक सवार बदमाशों ने कारोबारी को मारी गोली, दिनदहाड़े फायरिंग से हड़कंप बिहार में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई: पंचमहला से हथियारबंद दो अपराधी गिरफ्तार, सोनू-मोनू गैंग से जुड़े तार मुजफ्फरपुर की पलक ने इंटर साइंस में 5वां रैंक किया हासिल, जिले और स्कूल का नाम किया रोशन निशांत कुमार का बड़ा बयान: 2005 से पहले बिहार में था दंगा और हिंसा का दौर, पिताजी ने बदली तस्वीर ट्रेनों में तत्काल टिकट के लिए नया सिस्टम लागू, लंबी लाइनों और धोखाधड़ी से मिलेगी राहत ट्रेनों में तत्काल टिकट के लिए नया सिस्टम लागू, लंबी लाइनों और धोखाधड़ी से मिलेगी राहत उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चाणक्य, अशोक और जरासंध से CM नीतीश की तुलना, कहा–दिल्ली से बिहार को करेंगे गाइड चिराग पासवान ने किया बड़ा खुलासा, मुख्यमंत्री की दौड़ से खुद को बताया बाहर, जानिए… नए सीएम पर क्या बोले? Bihar Transport News: परिवहन विभाग के MVI की गाड़ी और 'भतीजा' के अवैध वसूली का खेल, शिकायत पर गाड़ी जब्त...दो हिरासत में पटना जंक्शन पर रेल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 लाख के गहनों के साथ तीन शातिर गिरफ्तार

Home / news / राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का बड़ा एक्शन, जानिए.. 96 अमीनों को क्यों...

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का बड़ा एक्शन, जानिए.. 96 अमीनों को क्यों किया बर्खास्त

17-Dec-2021 07:21 AM

PATNA : राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ी कार्यवाही करते हुए 96 अमीनों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है. यह सभी अमीन संविदा पर कार्यरत थे, और अब बर्खास्तगी के बाद इन्हें अपना वेतन भी लौटाना होगा. दरअसल राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीनों के ऊपर कार्यवाही की है. उनकी डिग्री फर्जी पाई गई थी विभाग के भू अभिलेख और परिमाप निदेशालय ने इन 96 अमीनो की इंजीनियरिंग में डिग्री और डिप्लोमा के सर्टिफिकेट की जांच के लिए अलग-अलग विश्वविद्यालयों को भेजा था. जिसमें सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए.


सेवा से बर्खास्तगी के बाद संविदा पर कार्यरत इन अमीनों के खिलाफ अब विभाग एफआईआर दर्ज कराने जा रहा है. साथ ही साथ उन्होंने हर महीने ₹30000 का मानदेय भी लिया है. जो अब वापस लौट आना होगा अभी राज्य सरकार की तरफ से अन्य अमीनों के सर्टिफिकेट की जांच भी कराई जा रही है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे विभाग निर्णय करेगा.


जमीन सर्वे के काम से जुड़े इन अमीनों को पिछले साल जुलाई के महीने में संविदा पर चयन किया गया था. ये सभी अमीन पिछले डेढ़ साल से राज्य में चल रहे जमीन सर्वे में अपनी भूमिका निभा रहे थे. भू अभिलेख और परिमाप निदेशक जय सिंह के मुताबिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन रिपोर्ट से यह पता चला कि इन्होंने गलत और फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर नियोजन लेने में सफलता पायी. ऐसे में नियोजन के टर्म ऑफ व एग्रीमेंट के गाइडलाइन के मुताबिक उन संविदा अमीनों का नियोजन तत्काल समाप्त कर दिया गया है। जिन विश्वविद्यालयों से अमीनों का सर्टिफिकेट जांच कराया गया उसमें सबसे अधिक 38 अमीनों की डिग्री को बुन्देलखंड यूनिवर्सिटी में झांसी ने फर्जी पाया है.