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रात के अंधेरे में जनप्रतिनिधि के घर में घुसकर पुलिस ने की तोड़फोड़, IG से मिला पीड़ित परिवार

रात के अंधेरे में जनप्रतिनिधि के घर में घुसकर पुलिस ने की तोड़फोड़, IG से मिला पीड़ित परिवार

08-Jul-2023 08:55 PM

By MANOJ KUMAR

MUZAFFARPUR: मुज़फ़्फ़रपुर  पुलिस पर एक बार फिर सवाल उठना शुरू हो गया है। मनिहारी थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगा है। गलत सूचना मिलने के बाद पुलिस जबरन एक मुखिया के घर में घुस गई। इतना ही नहीं घर के कमरों में घुसकर सामान को तितर-बितर कर दिया गया। विरोध करने पर गाली-गलौज भी की गयी। पीड़ित परिवार ने यह आरोप लगाया कि छापेमारी करने गई पुलिस टीम घर में रखे कुछ पैसे भी निकाल कर साथ ले गई। 


पीड़ित परिवार ने बताया कि देर रात 1:00 बजे के आसपास मनियारी थाना पुलिस की टीम घर पर पहुंची परिवारवाले जब घर नहीं खोल रहे थे तो पुलिस ने गाली-गलौज कर जेल भेजने की बात कर घर खुलवाया। मुखिया के गाड़ी से लेकर घर तक की तलाशी ली गयी। परिजनों का कहना है कि पुलिस वाले जबरन यह आरोप लगा रहे थे कि चरस गांजा बेचा जाता है। 


नशे का सामान निकाल दो वरना सबको जेल भेज देंगे। चाहे वह महिला हो या पुरुष या बच्ची सभी को भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए घर में रखे सामान को तितर-बितर कर दिया लेकिन पुलिस को कुछ भी नहीं मिला तो खाली हाथ पुलिस थाने लौट गयी। पुलिस की इस कार्रवाई से गुस्साएं परिजनों ने इसकी लिखित शिकायत के साथ मुजफ्फरपुर रेंज के आईजी से मिलने पहुंचे। 


मनियारी थाना पुलिस की करतूतों से आईजी को अवगत कराया। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया। मुखिया और उनके परिवार के सभी सदस्य आईजी कार्यालय पहुंचे थे। सभी ने एक सुर में कहा कि यदि वरीय अधिकारी कार्रवाई नहीं करते हैं तो बड़ा जन आंदोलन होगा। मनियारी थाना पुलिस द्वारा अपने क्षेत्र में जुर्म किया जा रहा है आमजन हो या फिर जनप्रतिनिधि टारगेट कर कार्रवाई की जा रही है लेकिन वरीय अधिकारी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं जो दुर्भाग्य की बात है।

MUZAFFARPUR: मुज़फ़्फ़रपुर  पुलिस पर एक बार फिर सवाल उठना शुरू हो गया है। मनिहारी थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगा है। गलत सूचना मिलने के बाद पुलिस जबरन एक मुखिया के घर में घुस गई। इतना ही नहीं घर के कमरों में घुसकर सामान को तितर-बितर कर दिया गया। विरोध करने पर गाली-गलौज भी की गयी। पीड़ित परिवार ने यह आरोप लगाया कि छापेमारी करने गई पुलिस टीम घर में रखे कुछ पैसे भी निकाल कर साथ ले गई। 


पीड़ित परिवार ने बताया कि देर रात 1:00 बजे के आसपास मनियारी थाना पुलिस की टीम घर पर पहुंची परिवारवाले जब घर नहीं खोल रहे थे तो पुलिस ने गाली-गलौज कर जेल भेजने की बात कर घर खुलवाया। मुखिया के गाड़ी से लेकर घर तक की तलाशी ली गयी। परिजनों का कहना है कि पुलिस वाले जबरन यह आरोप लगा रहे थे कि चरस गांजा बेचा जाता है। 


नशे का सामान निकाल दो वरना सबको जेल भेज देंगे। चाहे वह महिला हो या पुरुष या बच्ची सभी को भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए घर में रखे सामान को तितर-बितर कर दिया लेकिन पुलिस को कुछ भी नहीं मिला तो खाली हाथ पुलिस थाने लौट गयी। पुलिस की इस कार्रवाई से गुस्साएं परिजनों ने इसकी लिखित शिकायत के साथ मुजफ्फरपुर रेंज के आईजी से मिलने पहुंचे। 


मनियारी थाना पुलिस की करतूतों से आईजी को अवगत कराया। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया। मुखिया और उनके परिवार के सभी सदस्य आईजी कार्यालय पहुंचे थे। सभी ने एक सुर में कहा कि यदि वरीय अधिकारी कार्रवाई नहीं करते हैं तो बड़ा जन आंदोलन होगा। मनियारी थाना पुलिस द्वारा अपने क्षेत्र में जुर्म किया जा रहा है आमजन हो या फिर जनप्रतिनिधि टारगेट कर कार्रवाई की जा रही है लेकिन वरीय अधिकारी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं जो दुर्भाग्य की बात है।