ब्रेकिंग न्यूज़

अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड

Home / news / पूर्णिया के तटीय इलाकों में मंडराने लगा बाढ़ का खतरा, कनकई नदी का...

पूर्णिया के तटीय इलाकों में मंडराने लगा बाढ़ का खतरा, कनकई नदी का जलस्तर बढ़ने से कटाव हुआ शुरू

22-Jun-2022 04:51 PM

By Tahsin Ali

PURNIA: जहां एक तरफ नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने नदियों के जल स्तर को बढ़ा दिया है। वही दूसरी तरफ पूर्णिया तटीय इलाके अमौर मे लगातार  मानसूनी बारिश होने से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। यहां कनकइ नदी मे जलस्तर बढ़ने के कारण डहुआबारी पंचायत के तालबारी टोला में कटाव होना शुरू हो गया है। जिसके कारण लोग दहशत के साए में हैं। कटाव निरोधी कार्य नहीं शुरू किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। लोग मकान ,बाँस, पेड़ पौधे काटकर पलायन करने पर मजबूर हो रहे हैं। लोगों की इस हालात से प्रशासन भी बेखबर है।


गौरतलब है कि बीते वर्ष तालबारी टोला में 70 से अधिक परिवारों के घर कटाव के ज़द में आकर नदियों में समा गए और विस्थापित हो चुके हैं । ऐसे में इस गांव का अस्तित्व समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है । अब नदी किनारे घर तो नहीं है लेकिन गांव भी नदी से दूर नहीं है। जबकि पिछले साल प्राथमिक विद्यालय, तालबाड़ी टोला ,आंगनबाड़ी केंद्र, सड़क मार्ग भी नदी के आगोस में आने से विलीन हो गये। लोगों का आशियाना उजड़ गया। कई परिवार बेघर हो गये। कई लोग भी पलायन कर चुके हैं।


कुछ परिवारों के पास सुविधा नहीं होने के कारण रंगामाटी में बने स्वास्थ्य केंद्र में शरण ले चुके हैं। तालवारी पंचायत के महादलित टोला के परिवारों के घर भी महज पाँच सौ गज की दूरी पर ही है। न जाने कब कनकइ नदी के कटाव में आ जाए। महादलित टोला के दर्जनों महादलित परिवारों ने बताया कि सभी ने इस गाँव के साथ सौतेलापन किया है। जिस कारण अबतक कटाव निरोधी कार्य शुरू नहीं हुआ है । जबकि बाढ आने के पहले कटाव निरोधक कार्य हो जाना चाहिए था। अधिकारियों से लेकर विधायक एवं सांसद तक को मालूम है कि कनकई नदी का कटाव कैसे होता है। फिलहाल लोग सरकार से मदद की आस लगाए बैठे हैं।