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BIHAR NEWS : 16 साल पुराने मामले में पूर्व विधायक अमन पासवान और जदयू नेता हीरालाल गिरफ्तार, जानिए क्या है पूरी खबर

पीरपैंती के पूर्व भाजपा विधायक अमन पासवान और जदयू नेता हीरालाल पासवान 16 साल पुराने आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे गए।

BIHAR NEWS : 16 साल पुराने मामले में  पूर्व विधायक अमन पासवान और जदयू नेता हीरालाल गिरफ्तार, जानिए क्या है पूरी खबर
Tejpratap
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BIHAR NEWS : पीरपैंती के पूर्व भाजपा विधायक और तत्कालीन जिला पार्षद अमन पासवान तथा जदयू नेता हीरालाल पासवान को 16 साल पुराने आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) उल्लंघन मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने न्यायिक हिरासत में लिया है। मंगलवार को दोनों नेताओं ने अदालत में आत्मसमर्पण कर जमानत की अर्जी दाखिल की थी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया और उन्हें जेल भेज दिया।


विशेष न्यायाधीश ने बताया कि दोनों नेताओं के खिलाफ यह केस 9 सितंबर 2010 को तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा कहलगांव के अंतिचक थाने में दर्ज कराया गया था। इस मामले में आरोप था कि अमन पासवान और हीरालाल पासवान ने सरकारी खंभों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अपने चुनाव प्रचार के पोस्टर और बैनर लगाकर आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया था।


सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि दोनों नेता लगातार अदालत में उपस्थित नहीं हुए। पिछली सुनवाइयों में उनकी अनुपस्थिति के कारण अदालत ने उनके बंध पत्र को रद्द करते हुए गैर-जमानती वारंट जारी कर रखा था। विशेष न्यायालय के अनुसार, मामले के रिकॉर्ड में बयान और अन्य दस्तावेज मौजूद थे, लेकिन नेताओं की लगातार गैरहाजिरी के कारण केस लंबित ही रहा।


विशेष न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने 24 दिसंबर 2025 को पहले ही दोनों नेताओं का बेलबांड कैंसिल करते हुए गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया था। मंगलवार को दोनों आरोपित नेता न्यायालय में उपस्थित होकर आत्मसमर्पण किया और जमानत की मांग की, जिसे न्यायालय ने अस्वीकृत कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस फैसले के बाद जेल प्रशासन ने दोनों नेताओं की हिरासत संबंधी दस्तावेजी प्रक्रिया शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं को जेल में भेजने की प्रक्रिया पूरी होते ही वे न्यायिक हिरासत में रहेंगे।


स्थानीय राजनीतिक हलकों में इस घटना को लेकर चर्चा है कि अदालत की इस कार्रवाई से भविष्य में चुनाव प्रचार के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त संदेश गया है। पीरपैंती और आसपास के क्षेत्र में जनता में भी इस मामले को लेकर संवेदनशीलता देखने को मिली है।


अमन पासवान और हीरालाल पासवान दोनों ही स्थानीय राजनीतिक रूप से प्रभावशाली नेता रहे हैं। अमन पासवान पूर्व में भाजपा के विधायक और जिला पार्षद रह चुके हैं, जबकि हीरालाल पासवान जदयू के सक्रिय नेता हैं। उनके जेल भेजे जाने के बाद इलाके में राजनीतिक गतिविधियों पर भी असर देखने को मिल सकता है।


इस केस की लंबी कानूनी प्रक्रिया ने यह दिखाया है कि चाहे समय कितना भी लंबा क्यों न हो, अदालत सभी आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने में सक्षम है। इस घटना ने यह भी रेखांकित किया कि राजनीतिक पद का संरक्षण हमेशा कानून के ऊपर नहीं होता और नियमों का पालन सभी पर समान रूप से लागू होता है।


अंत में, यह मामला आदर्श चुनाव आचार संहिता के महत्व और इसके उल्लंघन पर न्यायिक कार्रवाई की सख्ती को उजागर करता है। भविष्य में चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए यह एक चेतावनी के रूप में कार्य करेगा कि कानून के पालन में लापरवाही राजनीतिक और कानूनी रूप से भारी पड़ सकती है।