ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Road Project : अब जाम से छुटकारा! 42KM लंबी नई फोरलेन रोड से उत्तर बिहार में विकास की नई राह, जानिए क्या है पूरा प्लान Indian Railway Jobs : सरकारी नौकरी का बड़ा मौका! रेलवे में 6565 पदों पर बंपर भर्ती, मौका हाथ से गया तो पछताओगे! Bihar Weather : बिहार में 5 अप्रैल से मौसम का बड़ा बदलाव! 7-8 अप्रैल को तेज आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें अपने जिले का हाल हॉस्पिटल बंद करो..डॉक्टर यहां नहीं रहता है, युवक की मौत से गुस्साए परिजनों ने किया हंगामा छपरा में हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, STF ने 5 तस्करों को दबोचा ‎उच्च न्यायालय का आदेश भी नहीं मान रहा पटना आईआईटी, सैकड़ों स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर लगा: देव ज्योति कौन होगा बिहार का नया सीएम? मीडिया के इस सवाल पर बोले आनंद मोहन, कहा..BJP में पर्ची से तय होता है नाम बेगूसराय में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: 12 हजार घूस लेते आपूर्ति पदाधिकारी और डीलर गिरफ्तार घूसखोर ESI की गिरफ्तारी का विरोध: परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने किया काम-काज ठप चिराग के सामने नरम पड़े पारस, करने लगे पार्टी और परिवार को एक करने की मांग, कहा..भतीजा CM बनें तो खुशी होगी

Home / news / पटना में जलजमाव पर हाईकोर्ट गंभीर, 16 अक्टूबर को मामले की सुनवाई

पटना में जलजमाव पर हाईकोर्ट गंभीर, 16 अक्टूबर को मामले की सुनवाई

14-Oct-2019 11:37 AM

PATNA : तेज बारिश के बाद पटना में दस दिन से अधिक हुए जलजमाव पर हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया है. इस मामले पर हाईकोर्ट में 16 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी. जल जमाव को लेकर हाईकोर्ट के एक वकील की ओर से याचिका दाखिल की गई थी. 

जस्टिस एस पांडेय की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान ड्रेनेज सिस्टम के फेल होने को गंभीरता से लिया है. कोर्ट ने मामले की मॉनिटरिंग करने का भी हवाला दिया है. जल जमाव के बाद हाईकोर्ट में कई जनहित याचिका दाखिल हुई थी. यही नहीं जलजमाव में खुद हाईकोर्ट के जस्टिस भी फंस गए थे. उन्होंने अपने पिता को खुद रेस्क्यू कर बाहर निकाला था. 

बता दें कि पटना के राजेंद्रनगर, कुदमकुआं, कंकड़बाग, भूतनाथ रोड, एसकेपुरी समेत कई एरिया में कई दिनों तक जल जमाव था. स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि बिहार सरकार ने केंद्र सरकार से तुरंत हेल्प करने की मदद मांगी थी इसके साथ ही सेना के दो हेलीकॉप्टर और जल निकासी के लिए कोल इंडिया का पंप मांगा था. अगले दिन हेलीकॉप्टर आने के बाद लोगों को राहत पैकेज का वितरण किया जाने लगा. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कई टीमों ने हजारों लोगों को रेस्क्यू कर घर से निकाला था. इस दौरान इलाज के अभाव में एक वकील की मौत हो गई थी. जिसके बाद मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए पटना के डीएम और एसएसपी से जवाब तलब किया है.