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पटना HC को मिला एक और जज : जस्टिस विवेक चौधरी को राज्यपाल ने दिलाई पद और गोपनीयता की शपथ

पटना HC को मिला एक और जज : जस्टिस विवेक चौधरी को राज्यपाल ने दिलाई पद और गोपनीयता की शपथ

24-Nov-2023 11:30 AM

By First Bihar

PATNA : कलकत्ता हाईकोर्ट से पटना हाईकोर्ट में स्थानांतरित जज जस्टिस विवेक चौधरी ने आज पद और गोपनीयता की शपथ ली।बिहार के गवर्नर ने उन्हें राजभवन में एक सादे समारोह में शपथ दिलाई। इस अवसर पर बिहार मंत्रिमंडल के सदस्यगण,पटना हाईकोर्ट  के जज,महाधिवक्ता,विभागीय प्रमुख इस अवसर पर उपस्थित रहे।


वहीं, जस्टिस विवेक चौधरी को  भारत सरकार के कानून व न्याय मंत्रालय द्वारा सुप्रीम कोर्ट कालेजियम की अनुशंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट से पटना हाईकोर्ट स्थानांतरित किया गया है। उनके जज के रूप में योगदान देने के बाद पटना हाईकोर्ट में जजों की संख्या 35 हो जाएगी,जबकि जजों की स्वीकृत पद पटना हाईकोर्ट में 53 हैं। इस तरह अभी भी एक तिहाई पद रिक्त रहेंगे।


इससे पहले जस्टिस विवेक चौधरी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय से पटना उच्च न्यायालय स्थानांतरित किए गए। इस दौरान न्यायमूर्ति बिबेक चौधरी ने कहा कि उनका तबादला शक्ति के कार्यपालिका से न्यायपालिका के हाथों में स्थानांतरित होने संकेत देता है। उन्होंने अपने विदाई समारोह में कहा कि 1975 में आपातकाल के दौरान, कार्यपालिका ने विभिन्न उच्च न्यायालयों के कम से कम 16 न्यायाधीशों का स्थानांतरण किया था और अब 48 वर्षों के बाद, कॉलेजियम ने 24 न्यायाधीशों का स्थानांतरण किया है। 


उधर, उन्होंने कहा कि उन्हें पटना उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करना उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम की इच्छा थी। उन्होंने कहा कि जब उन्हें उच्चतर न्यायपालिका में पदोन्नति दी गई थी तो वह जानते थे कि संविधान के अनुच्छेद 222 के तहत एक न्यायाधीश का तबादला किया जा सकता है। न्यायमूर्ति चौधरी ने कहा, “लेकिन पूरी विनम्रता के साथ, मुझे कहना होगा कि न्यायिक व्यवस्था हैं जो कहती हैं कि अनुच्छेद 222 पर गौर किया जाना चाहिए और बहुत संयमित तरीके से विचार किया जाना चाहिए।


 उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने तीन अगस्त को न्यायमूर्ति चौधरी को पटना उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया था।प्रस्ताव पर पुनर्विचार के लिए न्यायमूर्ति चौधरी के अनुरोध को कॉलेजियम ने अस्वीकार कर दिया और 10 अगस्त को उनके स्थानांतरण की फिर से सिफारिश की थी।पटना उच्च न्यायालय में उनके स्थानांतरण की गजट अधिसूचना 13 नवंबर को की गई थी।