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पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला : 26 घंटे की पूछताछ के बाद मंत्री पार्थ चटर्जी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला : 26 घंटे की पूछताछ के बाद मंत्री पार्थ चटर्जी गिरफ्तार

23-Jul-2022 01:00 PM

DESK : पश्चिम बंगाल में हुए शिक्षक घोटाले की जांच कर रही ED ने करीब 26 घंटे की पूछताछ के बाद ममता सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में ED ने मंत्री की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को भी हिरासत में लिया है। फिलहाल इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल के विभिन्न जगहों पर प्रवर्तन निदेशालय की टीमें छापेमारी में जुटी हुई हैं। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि मामले में अभी और भी लोगों की गिरफ्तारियां हो सकती हैं। ऐसे में शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार घिरती जा रही है।


बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने बीते 22 जुलाई को ममता बनर्जी सरकार के दो मंत्रियों के कोलकाता स्थित घर में छापेमारी की थी। मंत्री पार्थ चटर्जी और पूर्व मंत्री परेश अधिकारी के घरों पर एक साथ छापेमारी की गयी थी। छापेमारी के दौरान मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर से ईडी ने 20 करोड़ कैश बरामद किये थे। एक साथ इतना सारा कैश मिलने से अधिकारी भी हैरान हो गए थे।


पार्थ चटर्जी अभी बंगाल सरकार में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री हैं। जब शिक्षक भर्ती घोटाला हुआ था तब पार्थ चटर्जी शिक्षा मंत्री थे। साल 2016 में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तहत शिक्षक और अन्य पदों पर नियुक्ति के लिए स्कूल सेवा आयोग ने परीक्षा आयोजित की थी। 27 नवंबर 2017 को परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए थे। सफल होने वाले अभ्यर्थियों में सिल्लीगुड़ी की बबीता का नाम 20 शीर्ष अभ्यर्थियों में शामिल था लेकिन बाद में आयोग ने वह सूची रद्द कर दी थी।


बाद में आयोग द्वारा निकाली गई सूची में बबीता का नाम वेटिंग लिस्ट में चला गया जबकि उससे 16 अंक कम पाने वाली मंत्री की बेटी अंकिता का नाम शीर्ष पर आ गया था। इस घोटाले की जांच के लिए एक कमिटी का गठन किया गया। इस जांच कमिटी ने तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की थी। बाद में इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया था। 

DESK : पश्चिम बंगाल में हुए शिक्षक घोटाले की जांच कर रही ED ने करीब 26 घंटे की पूछताछ के बाद ममता सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में ED ने मंत्री की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को भी हिरासत में लिया है। फिलहाल इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल के विभिन्न जगहों पर प्रवर्तन निदेशालय की टीमें छापेमारी में जुटी हुई हैं। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि मामले में अभी और भी लोगों की गिरफ्तारियां हो सकती हैं। ऐसे में शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार घिरती जा रही है।


बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने बीते 22 जुलाई को ममता बनर्जी सरकार के दो मंत्रियों के कोलकाता स्थित घर में छापेमारी की थी। मंत्री पार्थ चटर्जी और पूर्व मंत्री परेश अधिकारी के घरों पर एक साथ छापेमारी की गयी थी। छापेमारी के दौरान मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर से ईडी ने 20 करोड़ कैश बरामद किये थे। एक साथ इतना सारा कैश मिलने से अधिकारी भी हैरान हो गए थे।


पार्थ चटर्जी अभी बंगाल सरकार में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री हैं। जब शिक्षक भर्ती घोटाला हुआ था तब पार्थ चटर्जी शिक्षा मंत्री थे। साल 2016 में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तहत शिक्षक और अन्य पदों पर नियुक्ति के लिए स्कूल सेवा आयोग ने परीक्षा आयोजित की थी। 27 नवंबर 2017 को परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए थे। सफल होने वाले अभ्यर्थियों में सिल्लीगुड़ी की बबीता का नाम 20 शीर्ष अभ्यर्थियों में शामिल था लेकिन बाद में आयोग ने वह सूची रद्द कर दी थी।


बाद में आयोग द्वारा निकाली गई सूची में बबीता का नाम वेटिंग लिस्ट में चला गया जबकि उससे 16 अंक कम पाने वाली मंत्री की बेटी अंकिता का नाम शीर्ष पर आ गया था। इस घोटाले की जांच के लिए एक कमिटी का गठन किया गया। इस जांच कमिटी ने तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की थी। बाद में इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया था।