ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Crime News: सड़क किनारे गड्ढे से मिला महिला का कंकाल, हत्या कर शव को फेंकने की आशंका Bihar Crime News: सड़क किनारे गड्ढे से मिला महिला का कंकाल, हत्या कर शव को फेंकने की आशंका Bihar Bhumi: बिहार के किसानों को बड़ी राहत, फार्मर आईडी बनाने के लिए अब नहीं लगाने पड़ेंगे सरकारी दफ्तरों के चक्कर, जानिए.. Bihar Bhumi: बिहार के किसानों को बड़ी राहत, फार्मर आईडी बनाने के लिए अब नहीं लगाने पड़ेंगे सरकारी दफ्तरों के चक्कर, जानिए.. Bihar Road Accident: दर्दनाक सड़क हादसे में उत्पाद विभाग के हेड क्लर्क की मौत, तेज रफ्तार वाहन ने मारी जोरदार टक्कर Bihar Road Accident: दर्दनाक सड़क हादसे में उत्पाद विभाग के हेड क्लर्क की मौत, तेज रफ्तार वाहन ने मारी जोरदार टक्कर Bihar Crime News: नाबालिग लड़की की संदिग्ध मौत, कुएं से शव मिलने से सनसनी; परिजनों ने हत्या की जताई आशंका Bihar Education News: शिक्षा विभाग ने 119 हेड मास्टरों को किया पटना तलब, सामने आई यह बड़ी वजह Bihar Education News: शिक्षा विभाग ने 119 हेड मास्टरों को किया पटना तलब, सामने आई यह बड़ी वजह Bihar Ips Officer: बिहार के वरिष्ठ IPS अधिकारी ने क्यों ली स्वैच्छिक सेवानिवृति ? किस पद पर नियुक्ति की वजह से पहले ही ले लिया रिटायरमेंट, जानें....

नीतीश के आगे नतमस्तक तेजस्वी: लालू यादव ने जिस नेता को ताउम्र कोसा, उनकी प्रतिमा पर फूल चढ़ाने पहुंच गये तेजस्वी यादव

नीतीश के आगे नतमस्तक तेजस्वी: लालू यादव ने जिस नेता को ताउम्र कोसा, उनकी प्रतिमा पर फूल चढ़ाने पहुंच गये तेजस्वी यादव

25-Sep-2023 06:49 PM

By First Bihar

PATNA: पटना के राजेंद्रनगर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमास्थल पर सोमवार की सुबह का नजारा देखने लायक था. भाजपा की मूल पार्टी जनसंघ के संस्थापकों में से एक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की आज जयंती थी. नीतीश कुमार अचानक से जयंती समारोह में शामिल होकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंच गये. उसके बाद का नजारा दिलचस्प था. नीतीश कुमार के वहां पहुंचने के लगभग सात मिनट बाद दौड़ते-भागते हुए डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी वहां पहुंच गये. नीतीश के साथ साथ तेजस्वी यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।


बता दें कि किसी सरकारी समारोह में अगर मुख्यमंत्री को शामिल होना होता है तो डिप्टी सीएम या दूसरे मंत्री उनसे पहले पहुंचते हैं. कई दफा सब साथ में ही पहुंचते हैं. लेकिन आज तेजस्वी यादव सीएम के पहुंचने के बाद तेजी से दीनदयाल उपाध्याय के प्रतिमा स्थल पर पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक दीनदयाल उपाध्याय के जयंती समारोह में तेजस्वी यादव के जाने का कोई कार्यक्रम नहीं था. ऐसा जरूरी भी नहीं है कि अगर किसी कार्यक्रम में सीएम जायें तो दूसरे मंत्री भी उसमें शामिल हों. लेकिन तेजस्वी यादव को जैसे ही इसकी जानकारी मिली कि नीतीश कुमार दीनदयाल उपाध्याय जय़ंती समारोह में शामिल होने जा रहे हैं, वे आनन फानन में वहां पहुंच गये।


दीनदयाल उपाध्याय का लालू यादव ने शुरू से किया है विरोध

अब जनसंघ के संस्थापकों में से एक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बारे में जानिये. पंडित दीनदयाल उपाध्याय मूलतः आरएसएस से जुड़े थे. वे आरएसएस के प्रचारक थे. 1951 में जब जनसंघ की स्थापना हुई तो उन्हें आरएसएस से जनसंघ में भेजा गया और वे जनसंघ के संस्थापक महामंत्री बनाये गये थे. जनसंघ की स्थापना में आरएसएस के तत्कालीन प्रमुख गुरू गोलवरकर ने सबसे अहम भूमिका निभायी थी. लालू प्रसाद यादव अपनी पूरी राजनीति में आरएसएस का विरोध करते रहे हैं. वे खास तौर पर गुरू गोलवरकर और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे आरएसएस नेताओं को लगातार कोसते आये हैं.


अब दिलचस्प बात ये है कि लालू प्रसाद यादव जिन्हें ताउम्र देश विरोधी से लेकर दलित पिछड़ा विरोधी करार देते रहे, तेजस्वी आज उन्हें ही श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंच गये. बता दें कि नीतीश कुमार जब भाजपा के साथ सत्ता में थे तो बीजेपी के दवाब में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा लगायी गयी थी और उनकी जयंती पर राजकीय समारोह मनाने का फैसला लिया गया था. जब बिहार सरकार ने ये फैसला लिया था तो तेजस्वी यादव ने विधानसभा में इसका विरोध किया था. आज पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछा कि जिसका विरोध किया था, उन्हीं की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने कैसे आ गये. तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने कभी दीनदयाल उपाध्याय का विरोध नहीं किया था.