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28-Jul-2023 03:58 PM
By First Bihar
DESK : कैंसर बहुत ही खतरनाक होता है चाहे ये शरीर के किसी भी अंग में हो। यह एक गंभीर बीमारी है। लेकिन पैनक्रिएटिक कैंसर (अचानक से शाररिक दर्द) सभी महिलाओं के लिए एक बहुत ही गंभीर चिंता बन चूका है। इसके बाबजूद इस पर लोग उस समय तक ध्यान नहीं देते हैं। जबतक बीमारी हद से अधिक बहुत बढ़ न जाए । इस बीमारी पर जल्द से जल्द सभी को ध्यान देने की जरुरत है। बात करें इस बीमारी के शुरुआती लक्षण कि पेट में अधिक दर्द होना, भूख न लगना ,पेट फूलना, पीलिया, दस्त, मतली, उल्टी, पीलिया, दस्त, थकान, वजन का कम हो जाना है।
दरअसल, पैनक्रिएटिक कैंसर होने के मुख्य कारणों की बात करें तो इसमें जो महिलाएं धूम्रपान करती है उनके अंदर इस तरह की बीमारी होने की प्रबल संभावना है। इसके आलावा जिनके शरीर में मधुमेह की समस्या है या जिन महिलाएं के परिवार में पहले किसी लोगों को कैंसर हो चूका है उन्हें यह बीमारी होने की अधिक उम्मीद है।
वहीं, इस बीमारी के बारे में पड़ताल करने की बात करें तो इसकी जांच सीटी स्कैन और पेट स्कैन के जरिये इन जांचो से पैनक्रिएटिक कैंसर की लोकल स्टेज और शरीर में कैंसर का अन्य जगहों पर फैलाव के बारे में पता चलता है। लेकिन इसके बारे में एक खास बात है की जिन लोगों के अंदर पीलिया का लेवल ज्यादा होता है। उनका पहले पीलिया का इलाज किया जाता है। उसके बाद कैंसर का इलाज शुरू किया जाता है।
पैनक्रिएटिक कैंसर का प्रमुख इलाज इसका ऑपरेशन है। अगर पैनक्रिएटिक कैंसर को अर्ली स्टेज में पकड़ लेते है तो ऑपरेशन द्वारा इसका इलाज बहुत अच्छे से किया जा सकता है।आखरी स्टेज में पैनक्रिएटिक कैंसर अपने आस पास की खून की नसों को बंद कर सकता है। इस दौरान कीमोथेरपी के जरिए कैंसर को कम किया जा सकता है। कैंसर कम हो जाने के बाद सर्जरी की जाती है। फोर्थ स्टेज में कैंसर पैंक्रियास से निकल कर शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में कीमो से द्वारा ही इलाज संभव है।
REPORT - BANDANA