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24-Nov-2019 08:20 AM
MUMBAI : महाराष्ट्र में आजकल सियासत का महा ड्रामा चल रहा है. शनिवार को देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद विपक्षी दल शिवसेना, NCP और कांग्रेस अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी याचिका मंजूर कर ली है. कोर्ट में आज 11:30 बजे सुनवाई होगी. वहीं, दूसरी ओर बाजी पलटती हुई दिखाई दे रही है. अब शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी अपने साथ 154 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. विपक्षी दल आज ही फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है.
11:30 बजे तीन जजों की बेंच करेगी सुनवाई
शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. जहां कोर्ट नंबर 2 में आज 3 जजों की बेंच इस याचिका पर सुनवाई करेगी. जस्टिस एनवी रमना, अशोक भूषण और संजीव खन्ना की बेंच विपक्षी दलों की याचिका पर सुनवाई करेगी. बता दें कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए देवेंद्र फडणवीस को आमंत्रित किया था. जिसके बाद उन्होंने एनसीपी के बागी नेता और शरद पवार के भतीजे अजित पवार के साथ सर्कार बनाने का दवा किया. देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ राज भवन ली.
पलट सकती है बाजी
वहीं, दूसरी ओर भी अब बाजी पलटती हुई दिखाई दे रही है. 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत के लिए 145 विधायकों के समर्थन की जरूरत है. लेकिन शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन ने अपने साथ 154 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. ऐसे में देवेंद्र फडणवीस के लिए बहुमत साबित करना एक बहुत बड़ी चुनौती है. इतना ही नहीं, तीनों विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि अदालत जल्द से जल्द इसपर फैसला ले. उनकी मांग है कि अदालत रविवार को ही विशेष सत्र बुलाकर फ्लोर टेस्ट का निर्देश दे.