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20-Dec-2020 03:46 PM
PATNA : कांग्रेस की सरकार में महंगाई को लेकर अक्सर सवाल उठ रहे थे. वही सिलसिला अब नरेंद्र मोदी की सरकार में भी जारी है. पिछले दिनों हमने देखा कि अचानक से एलपीजी सिलिंडर पर 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई. लेकिन अब आपको ये जानकार काफी हैरानी होगी कि मोदी सरकार ग्राहकों की जेब काफी ढीली कर रही है. ये थोड़ा टेक्निकल है इसलिए लोगों को इसका सीधा असर नहीं समझ में आ रहा लेकिन आपको हम आसान भाषा में समझाएं तो पिछले 3 साल में LPG सिलिंडर पर मिलने वाली सब्सिडी 203 रुपये घट गई है.
नरेंद्र मोदी की सरकार में पिछले तीन साल में एलपीजी सिलिंडर पर ग्राहकों को मिलने वाली सब्सिडी राशि में 203 रुपये घट गई है. अगर हम पिछले महीने की बात करें तो ग्राहकों के खाते में सिर्फ 79 रुपये सब्सिडी के तौर पर भेजे गए हैं, जो कि काफी कम है. जबकि एलपीजी सिलिंडर की कीमत 692 रुपये थी. इसके साथ ही आपको हम ये भी बता दें कि दिसंबर 2020 में सिलिंडर की कीमत 792 रुपये होने के बावजूद बढ़ी हुई सब्सिडी नहीं मिली है. कई उपभोक्ताओं ने इस महीने बढ़ी हुई कीमत पर सिलिंडर बुक कराया, लेकिन ग्राहकों के खाते में सब्सिडी नहीं पहुंची.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दो साल पहले दिसंबर 2018 में एलपीजी सिलिंडर की कीमत 906 रुपये थी, तब सरकार ने ग्राहकों के खाते में 396.22 रुपये भेजे जाते थे. इस हिसाब से देखें तो ग्राहकों को एक सिलिंडर के लिए 510 रुपये देने पड़ते थे. इसी तरह मार्च में 2019 में सिलिंडर की कीमत 794.50 रुपये थी, तब ग्राहकों के खाते में 290.18 रुपये सब्सिडी भेजी जाती थी. यानी कि तब एक सिलिंडर की कीमत 504 रुपये हुई. मई 2019 में एलपीजी सिलिंडर की कीमत 805.50 रुपये थी, उस महीने केंद्र सरकार ने ग्राहकों के खाते में 300.64 रुपये सब्सिडी दी थी. तब उनको मूल रूप से 505 रुपये लगे. साल 2020 के जनवरी महीने में एलपीजी सिलिंडर की कीमत 816 रुपये थी और ग्राहकों के खाते में 243.57 रुपये सब्सिडी भेजी गयी थी. तब ग्राहकों को मूल रूप से 573 रुपये देने पड़े.
यानी कि अगर हम आसान भाषा में इस बात को समझें तो ऐसा कहा जा सकता है कि दिसंबर 2018 से दिसंबर 2020 के बीच कुल 103 रुपये एक सिलिंडर पर बढ़ गए. दिसंबर 2018 में सब्सिडी के आलावा ग्राहकों को एक सिलिंडर के लिए 510 रुपये देने पड़ते थे. लेकिन आज 2 साल बाद दिसंबर 2020 में सब्सिडी के आलावा ग्राहकों को एक सिलिंडर के लिए 613 रुपये देने पड़ रहे हैं.
आपको बता दें कि केंद्र सरकार एक वर्ष में प्रत्येक परिवार के लिए 14.2 किलोग्राम के 12 सिलिंडरों पर सब्सिडी देती है. अगर ग्राहक इससे ज्यादा सिलिंडर लेना चाहते है, तो उन्हें बाजार मूल्य पर खरीदना पड़ता है. ऑयल कंपनियां हर महीने गैस सिलिंडर की कीमत की समीक्षा करती हैं. इसकी कीमत औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी विनिमय दरों में बदलाव जैसे कारक निर्धारित करते हैं.

रसोई गैस सिलिंडर की कीमत चेक करने के लिए आपको सरकारी तेल कंपनी की वेबसाइट पर जाना होगा. यहां पर कंपनियां हर महीने नए रेट्स जारी करती हैं. (https://iocl.com/Products/IndaneGas.aspx) इस लिंक पर आप अपने शहर के गैस सिलिंडर के दाम चेक कर सकते हैं.
तेल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि एलपीजी सिलिंडर के दाम इतने कम हो गये हैं कि इस साल मई-जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्तूबर और नवंबर में भी ग्राहकों को सब्सिडी नाम मात्र मिल रही है. नवंबर माह की सब्सिडी 79 रुपये मिल रही है. सब्सिडी के संबंध में तेल कंपनियों का कहना है कि सब्सिडी का निर्धारण तेल कंपनियां नहीं, सरकार तय करती है. इसलिए इस संबंध में कुछ बताना मुश्किल है. बिहार एलपीजी वितरक संघ के अध्यक्ष डा. रामनेरश सिन्हा का कहना है कि सरकार सब्सिडी के रूप में बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की कीमत में अंतर को देती है. जब दोनों की कीमत लगभग एक है. इस वजह से सब्सिडी भी कम हो गयी है. यानी अगर बिना सब्सिडी वाले सिलिंडर की कीमत बढ़ती है, तो सब्सिडी भी मिलनी शुरू हो जायेगी.