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05-Sep-2023 03:18 PM
By First Bihar
DELHI : कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल किए जाने के फैसले के खिलाफ लखनऊ के एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें लोकसभा में राहुल गांधी की मेंबरशिप बहाल करने को लेकर सवाल पूछे गए हैं। इससे पहले लोकसभा सचिवालय ने 7 अगस्त को उनकी सदस्यता बहाल कर दी थी।
दरअसल, मोदी सरनेम केस में गुजरात की एक कोर्ट की तरफ से दोषी करार किए जाने के बाद राहुल की सदस्यता 24 मार्च को रद्द की गई थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी थी। इसके बाद लोकसभा सचिवालय ने 7 अगस्त को उनकी सदस्यता बहाल कर दी थी। इसके बाद संसद के सत्र में भी राहुल गांधी ने अपनी बातें रखी थी। इसके बाद अब एक बार फिर से इनके खिलाफ एक याचिका दायर की गई है।
बताया जा रहा है कि, राहुल का निलंबन रद्द करने के लोकसभा सचिवालय के फैसले के खिलाफ याचिका में तर्क दिया गया है कि एक बार जब कोई सांसद अपनी सीट खो देता है, तो उसे चुनाव के बिना पद पर बहाल नहीं किया जा सकता है। ऐसे में अब एक बार फिर से राहुल गांधी क़ानूनी पचड़े में पद सकते हैं। इस मामले में सबसे पहले भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। जिसमें सूरत की अदालत ने 23 मार्च को राहुल को सजा सुनाई थी। हालांकि, मामला जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था तो 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी थी।
आपको बताते चलें कि, गौरतलब है कि राहुल गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में कर्नाटक के कोलार में मोदी सरनेम को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। राहुल गांधी के खिलाफ केस भी दर्ज हुआ था। सूरत की कोर्ट ने राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई है। इसकी वजह से उनकी संसद की सदस्यता रद्द कर दी गई है।
DELHI : कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल किए जाने के फैसले के खिलाफ लखनऊ के एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें लोकसभा में राहुल गांधी की मेंबरशिप बहाल करने को लेकर सवाल पूछे गए हैं। इससे पहले लोकसभा सचिवालय ने 7 अगस्त को उनकी सदस्यता बहाल कर दी थी।
दरअसल, मोदी सरनेम केस में गुजरात की एक कोर्ट की तरफ से दोषी करार किए जाने के बाद राहुल की सदस्यता 24 मार्च को रद्द की गई थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी थी। इसके बाद लोकसभा सचिवालय ने 7 अगस्त को उनकी सदस्यता बहाल कर दी थी। इसके बाद संसद के सत्र में भी राहुल गांधी ने अपनी बातें रखी थी। इसके बाद अब एक बार फिर से इनके खिलाफ एक याचिका दायर की गई है।
बताया जा रहा है कि, राहुल का निलंबन रद्द करने के लोकसभा सचिवालय के फैसले के खिलाफ याचिका में तर्क दिया गया है कि एक बार जब कोई सांसद अपनी सीट खो देता है, तो उसे चुनाव के बिना पद पर बहाल नहीं किया जा सकता है। ऐसे में अब एक बार फिर से राहुल गांधी क़ानूनी पचड़े में पद सकते हैं। इस मामले में सबसे पहले भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। जिसमें सूरत की अदालत ने 23 मार्च को राहुल को सजा सुनाई थी। हालांकि, मामला जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था तो 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी थी।
आपको बताते चलें कि, गौरतलब है कि राहुल गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में कर्नाटक के कोलार में मोदी सरनेम को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। राहुल गांधी के खिलाफ केस भी दर्ज हुआ था। सूरत की कोर्ट ने राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई है। इसकी वजह से उनकी संसद की सदस्यता रद्द कर दी गई है।