बाढ़ में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में खाली रह गई कुर्सियां, प्रचार-प्रसार को लेकर प्रशासन पर उठ रहे सवाल UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू हो मंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लास मुंगेर के स्कूल में बड़ी चोरी: ताले तोड़कर लाखों की संपत्ति को पहुंचाया नुकसान, निर्माण सामग्री भी किया गायब मुजफ्फरपुर में रामनवमी को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी पटना लूट कांड का खुलासा: 20 लाख लूट मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तार पटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंध BIHAR: गांव के दबंगों ने दलित युवक को बेरहमी से पीटा, पुलिस से लगाई न्याय की गुहार Bihar News: गंगा में नहाने गए चार दोस्त… अचानक गहराई में समाए, दो की दर्दनाक मौत से गांव में मचा कोहराम
28-Jul-2024 07:19 AM
By First Bihar
PATNA : बिहार के वोकेशन कोर्स की पढाई करने की चाहत रखने वाले युवाओं के लिए यह काफी काम की खबर है। अब सूबे के सभी यूनिवर्सिटी में व्यावसायिक कोर्स में दाखिले की अनुमति मिली गई है। शिक्षा विभाग ने सभी कुलसचिवों को इस आशय का पत्र भेजा। अभी एक सत्र 2024-25 के लिए ही अस्थायी तौर पर मान्यता दी गई है। विभाग ने नामांकन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया है। इससे पहले अनुमति नहीं मिलने से नामांकन का मामला अटका हुआ था।
दरअसल, राज्यभर के 50 हजार विद्यार्थी दाखिले से वंचित थे। अब सोमवार से कई विश्वविद्यालयों में नामांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। शिक्षा विभाग के तरफ से पत्र में बीसीए, बीबीए, बीएमएस सहित अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम में नामांकन की अनुमति दी गई है। लेकिन, इसके लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की मंजूरी जरूरी है।
ऐसा नहीं करने वाले विश्वविद्यालयों और कॉलेजों पर कार्रवाई की जाएगी। इसमें कहा गया है कि पिछले सत्र 2023-24 में जितनी सीटों पर नामांकन लिया गया था, उतनी ही सीटों पर नामांकन लेना है। उन्हीं विषयों में नामांकन लेना है, जिसकी ऑर्डिनेंस और रेगुलेशन को राज्यपाल सचिवालय से मान्यता प्राप्त है।
वहीं, पत्र में यह भी कहा गया है वैसे कॉलेज जहां पर प्रयोगशाला, शिक्षक, आधारभूत संरचना आदि मानक के अनुरूप नहीं है, वहां नामांकन कम सीटों पर लेना है या नहीं लेना है। इसकी जांच विश्वविद्यालय अपने स्तर से करेंगे। आगामी वर्ष 2025-26 में जिन अंगीभूत कॉलेजों को सीटों की संख्या बढ़ानी है, वे पहले ही अपने सक्ष्म प्राधिकार से अनुमति प्रदान कर लेंगे। ताकि सीटों का निर्धारण और कोर्स संचालन की अनुमति स्थायी रूप से सके।