पटना यूनिवर्सिटी के कुलपति अजय कुमार सिंह को बड़ी राहत, गवर्नर ने फिर से किया बहाल; लगे थे यह आरोप पटना यूनिवर्सिटी के कुलपति अजय कुमार सिंह को बड़ी राहत, गवर्नर ने फिर से किया बहाल; लगे थे यह आरोप Bihar Board 10th Result 2026: टॉपरों पर इनामों की बरसात, लाखों रुपये के साथ मिलेंगे लैपटॉप और स्कॉलरशिप LPG संकट से रोज़गार पर गहरा असर, देशभर से बिहार लौट रहे प्रवासी मजदूरों की बढ़ी भीड़ TRAIN NEWS : 'आप टेंशन क्यों लेती हैं मैडम सीट तो मैं ... ', चलती ट्रेन में सीट दिलाने का खेल या साजिश? सामने आया ऐसा ट्विस्ट, जिसे जानकर आप भी कहेंगे ‘क्या सिस्टम है!’ फेमस होने का खतरनाक शौक: रील बनाने के दौरान बाइक सवार तीन लड़कों ने बुजुर्ग को रौंदा, मौके पर हुई मौत फेमस होने का खतरनाक शौक: रील बनाने के दौरान बाइक सवार तीन लड़कों ने बुजुर्ग को रौंदा, मौके पर हुई मौत IPL 2026: बिहार का बेटा देगा किंग कोहली को टक्कर, टॉस होते ही जुड़ जाएगा नाम के साथ बड़ा इतिहास चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: पद से हटाई गईं जहानाबाद की जिला परिषद अध्यक्ष रानी कुमारी, उपाध्यक्ष की कुर्सी बची IPL 2026 : आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले CSK को बड़ा झटका, शुरुआती मैचों से बाहर हुए 'थाला'
22-Feb-2024 12:24 PM
By First Bihar
PATNA : बिहार विधानमंडल बजट सत्र का आज 7वां दिन है। केके पाठक को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष का कहना है कि केके पाठक शिक्षकों को अपमानित करते हैं। विपक्ष के नेताओं का आरोप है कि केके पाठक ने शिक्षकों और विधायकों को गालियां दी है। ऐसे में अब इस मामले में बिहार सरकार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राबड़ी देवी ने कहा कि- यहां मुख्यमंत्री के आदेश के बाद ही शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव उनका आदेश नहीं मान रहे हैं। वो अपनी मनमर्जी कर रहा है। जबकि उसके पास कोई अलग से अधिकार नहीं है कि वो मुख्यमंत्री की बात नहीं माने। अब मुख्यमंत्री को तय करना है कि ऐसे काम होगा। एक तरफ नीतीश कुमार कहते हैं कि- के के पाठक बहुत ईमानदार हैं और दूसरी तरफ क पाठक मुख्यमंत्री के आदेश को ही नहीं मान रहे हैं तो फिर यह कैसी ईमानदारी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों तरफ बोलते हैं ऐसा नहीं चल सकता है।अब मुख्यमंत्री को तय करना होगा कि के के पाठक की कार्यशैली कैसी है।
इसके अलावा राबड़ी देवी ने कहा कि पाठक न सिर्फ सीएम की बात को अनसुना कर रहे हैं बल्कि राजभवन से भी भीड़ जाते हैं। हाल ही आप देख लीजिए कुलपति के साथ बैठक करने का आदेश जारी करते हैं वो यह कहां से सही है। जबकि किसी भी विश्वविद्यालय के वीसी को बुलाकर बैठक करने का अधिकार सिर्फ महामहिम राज्यपाल के पास ही होता है।