कैमूर में जहरीला बीज खाने से 8 बच्चे बीमार, भभुआ सदर अस्पताल में भर्ती मधेपुरा में BPSC की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत, किराए के कमरे में मिली लाश, इलाके में सनसनी Bihar News: CM नीतीश का बड़ा ऐलान, बाकी बचे इन 213 प्रखंडों में तुरंत खुलेंगे कॉलेज,जुलाई 2026 से शुरू होगी पढ़ाई... पटना का नाम पाटलिपुत्र करने की मांग, उपेंद्र कुशवाहा ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा प्रेमिका से मिलने आए प्रेमी को लोगों ने बना दिया दूल्हा, सुपौल में ‘पकड़ौआ विवाह’ का वीडियो वायरल शेखपुरा में फर्जी लोन ऐप गिरोह का भंडाफोड़, साइबर पुलिस ने 5 ठगों को किया गिरफ्तार वैशाली में हेरोइन और अफीम के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, हुंडई वेन्यू कार से बड़ी खेप बरामद सुप्रीम कोर्ट के रोक के बावजूद बिहार के इस यूनिवर्सिटी ने लागू कर दिया UGC के नए नियम, विरोध के बाद कुलपति ने उठाया यह कदम सुप्रीम कोर्ट के रोक के बावजूद बिहार के इस यूनिवर्सिटी ने लागू कर दिया UGC के नए नियम, विरोध के बाद कुलपति ने उठाया यह कदम जुड़वां बेटियों के जन्म पर बहू की हत्या, पति और ससुर को उम्रकैद
22-Feb-2024 12:24 PM
By First Bihar
PATNA : बिहार विधानमंडल बजट सत्र का आज 7वां दिन है। केके पाठक को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष का कहना है कि केके पाठक शिक्षकों को अपमानित करते हैं। विपक्ष के नेताओं का आरोप है कि केके पाठक ने शिक्षकों और विधायकों को गालियां दी है। ऐसे में अब इस मामले में बिहार सरकार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राबड़ी देवी ने कहा कि- यहां मुख्यमंत्री के आदेश के बाद ही शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव उनका आदेश नहीं मान रहे हैं। वो अपनी मनमर्जी कर रहा है। जबकि उसके पास कोई अलग से अधिकार नहीं है कि वो मुख्यमंत्री की बात नहीं माने। अब मुख्यमंत्री को तय करना है कि ऐसे काम होगा। एक तरफ नीतीश कुमार कहते हैं कि- के के पाठक बहुत ईमानदार हैं और दूसरी तरफ क पाठक मुख्यमंत्री के आदेश को ही नहीं मान रहे हैं तो फिर यह कैसी ईमानदारी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों तरफ बोलते हैं ऐसा नहीं चल सकता है।अब मुख्यमंत्री को तय करना होगा कि के के पाठक की कार्यशैली कैसी है।
इसके अलावा राबड़ी देवी ने कहा कि पाठक न सिर्फ सीएम की बात को अनसुना कर रहे हैं बल्कि राजभवन से भी भीड़ जाते हैं। हाल ही आप देख लीजिए कुलपति के साथ बैठक करने का आदेश जारी करते हैं वो यह कहां से सही है। जबकि किसी भी विश्वविद्यालय के वीसी को बुलाकर बैठक करने का अधिकार सिर्फ महामहिम राज्यपाल के पास ही होता है।