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08-Oct-2023 05:29 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार में जातीय गणना के आंकड़ों को लेकर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार ने जाति के जो आंकड़े पेश किए हैं वह फर्जी हैं और राजनीतिक फायदे को देखते हुए जातियों की संख्या बढ़ाई और घटाई गई है। इसी बीच उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक जनता दल ने आंदोलन का एलान कर दिया है। जातीय गणना के आंकड़ो में हेराफेरी के सवाल पर आरएलजेडी आगामी 14 अक्टूबर को राजभवन मार्च करगे और अपनी मांगों को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगी।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बिहार सरकार ने जब से जातीय गणना का आंकड़ा जारी किया है कन्फ्यूजन का दौर शुरू हो गया है। सभी लोग दुविधा में हैं कि कैसे सरकार ने इस तरह का आंकड़ा पेश कर दिया है। जो आंकड़े सरकार ने पेश किए हैं उसका दंश अगले 100 सालों तक लोगों को झेलना पड़ सकता है। कुछ जाति को छोड़ दें ते करीब करीब सभी जाति के लोगों को जातीय गणना के आंकड़ों पर डाउट है। साखकर छोटी जातियों के लोगों को भारी शंका है। सरकार ने जो भी आंकड़े जारी किए हैं उनको राष्ट्रीय लोक जनता दल खारिज करता है।
उन्होंने कहा कि बिहार की सरकार का यह दायित्व है कि अगर लोगों के मन में उसके प्रति कोई कंफ्यूजन है तो सरकार उसे दूर करे। सरकार को पहले लोगों के कन्फ्यूजन को दूर करना चाहिए तब अंतिम रूप से जो जातीय गणना या आर्थिक गणना के आंकड़े हैं उन्हें जारी करना चाहिए। सरकार अगर चाहेगी तो सुझाव देने को हम तैयार हैं। सरकार के इस जाली आंकड़े के खिलाफ आरएलजेडी आवाज उठाएगी और आगामी 11 अक्टूबर को बिहार के तमाम जिला मुख्यालयों में धरना दिया जाएगा और 14 अक्टूबर को आरएलजेडी राजभवन मार्च करेगी।