ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में अपराधियों का तांडव जारी: इंजीनियर की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी पटना: MLA फ्लैट में बिजली के कवर तार में आग लगने से मची अफरा-तफरी, विद्युत आपूर्ति ठप सहरसा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लग्जरी कार से भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार नशे में धुत युवक ने की फायरिंग, महिला घायल, आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ा आरा–बक्सर फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा, तीन युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत गंभीर बिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता पर आज फैसला संभव, पटना में अहम बैठक छपरा में फर्जी IAS बनकर DM से मिलने पहुंचा युवक गिरफ्तार, टाउन थाने में FIR दर्ज Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी सीके अनिल ने अंचलाधिकारियों को मंत्री के सामने हड़काया, कहा..कल तक हड़ताल वापस लो, नहीं तो हो जाओगे डिसमिस

जनसंघ, भाजपा की सरकार में मिला पिछड़ों को सम्मान, बोली बीजेपी...आरक्षण की सीमा बढनी चाहिए

जनसंघ, भाजपा की सरकार में मिला पिछड़ों को सम्मान, बोली बीजेपी...आरक्षण की सीमा बढनी चाहिए

07-Nov-2023 07:58 PM

By First Bihar

 PATNA: पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने आरक्षण की सीमा 50 से बढ़ाकर 65 फीसद करने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि बिहार में जब-जब जनसंघ और भाजपा सरकार में रही, तब-तब पिछड़ों-अतिपिछड़ों को सम्मान मिला।


सुशील मोदी ने कहा कि जब कर्पूरी ठाकुर की सरकार ने पिछड़ी जातियों को नौकरी में 27 फीसद आरक्षण दिया, तब जनसंघ के कैलाशपति मिश्र सरकार में शामिल थे। उन्होंने कहा कि जब पंचायत और नगर निगम के चुनाव में पिछड़ों को आरक्षण मिला, तब भाजपा एनडीए सरकार में शामिल थी।


सुशील मोदी ने कहा कि अब पंचायत और नगर निकाय चुनाव में भी आरक्षण सीमा को 37 फीसद से बढाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बिहार में जातीय सर्वे कराने का निर्णय भी भाजपा-युक्त एनडीए सरकार का था। राजद- कांग्रेस उस समय सत्ता से बाहर थे, लेकिन आज श्रेय लूटने में ये ही आगे हैं।


सुशील मोदी ने कहा कि कांग्रेस-राजद ने कभी पिछड़ों का सम्मान नहीं किया। 2001में राबड़ी देवी की सरकार ने पिछड़ों को आरक्षण दिये बिना पंचायत चुनाव करा लिये थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का पिछड़ा-विरोधी इतिहास 60 साल पुराना है।


सुशील मोदी ने कहा कि जब कांग्रेस केंद्र और राज्यों की सत्ता में होती थी, तब इसने काका कालेलकर समिति की रिपोर्ट को कूड़ेदान में डाला, मंडल आयोग की रिपोर्ट दबायी और आरक्षण का विरोध किया। उन्होंने कहा कि आज लालू प्रसाद और नीतीश कुमार अपने राजनीतिक स्वार्थ में अंधे होकर पिछड़ा विरोधी कांग्रेस की गोद में बैठ गए हैं। पिछड़ा और अतिपिछड़ा समाज इस विश्वासघात का बदला लेगा।