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01-Aug-2024 07:37 PM
By First Bihar
DESK: 24 साल के युवक विशाल मोयदे ने IAS बनने का सपना देखा था। वो UPSC परीक्षा की तैयारी में दिन रात लगा हुआ था। प्रतियोगिता परीक्षा पास कर वो कलेक्टर बनना चाहता था लेकिन उसने जो सपना देखा था वो अधूरा का अधूरा रह गया। दरअसल यूपीएससी की तैयारी करने के दौरान युवक का ब्रेन डेड हो गया। फिर कलेजे पर पत्थर रखकर माता-पिता ने बेटे की इच्छा पूरी की।
बेटे की इच्छा थी कि उसके 7 अंग दान कर दिये जाए। पिता ने बेटे के 7 महत्वपूर्ण अंग को मुंबई, अहमदाबाद और चेन्नई के बड़े अस्पताल में पहुंचाया। मामला मध्य प्रदेश के खरगोन की है जहां सांगवी के मोयदे परिवार में एक युवक का पढ़ते-पढ़ते ब्रेन डेड हो गया तब बेटे के सात अंग पिता ने दान कर दिये।
दरअसल एक सवाल को हल करने के दौरान विशाल के सिर में अचानक दर्द उठा और वो बेहोश हो गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि विशाल के सिर पर नसों का एक गुच्छा बन गया है। इसके बाद से लगातार विशाल का इलाज जारी रहा। इसी दौरान विशाल ने मां के समक्ष अपनी इच्छा जाहिर की। कहा कि मेरा जीवन अगर अंतिम क्षण में आ जाए तो मेरे शरीर के अंगों को गरीब जरूरतमंदों को दान कर देना।
बेटे की इच्छा पूरा करने के लिए माता-पिता ने कलेजे पर पत्थर रख यह बात डॉक्टर को बताई। जिसके बाद बड़ोदरा में सुपर कॉरिडोर तैयार किया गया और विशाल के बॉडी के 7 अंग लिवर, हार्ट, छोटी आंत, दोनों फेफड़े और दोनों किडनी दान की गई। अहमदाबाद के जाइडस हॉस्पिटल में किडनी, केडी हॉस्पिटल में लंग्स, मुंबई के रिलायंस हॉस्पिटल में हार्ट, चेन्नई के एमजीएम हॉस्पिटल में छोटी आंत और सूरत के किरण हॉस्पिटल में लिवर को भेजा गया। बेटे के अंगदान करने के दौरान माता-पिता ने बेटे के अंगों की पूजा की और सुपर कॉरिडोर के जरीये इसे भेजने की अपील की। बेटे की अंतिम इच्छा को इस तरह माता-पिता ने पूरी की।