थावे मंदिर चोरी कांड: प्यार, धोखा और साजिश का जाल, लव एंगल से जुड़ा करोड़ों की चोरी का मामला; मोहिनी से शुरू हुआ सारा खेल

Bihar Crime News: गोपालगंज के थावे दुर्गा मंदिर में हुई करोड़ों की चोरी की जांच में प्रेम, पहचान बदलने और अंतरराज्यीय साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच में लगातार नए राज सामने आ रहे हैं।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Thu, 01 Jan 2026 12:20:17 PM IST

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प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar Crime News: गोपालगंज से सामने आई थावे दुर्गा मंदिर की करोड़ों रुपये की चोरी की घटना अब सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह प्रेम, पहचान बदलने, धोखे, धर्म और संगठित अंतरराज्यीय साजिश की कहानी बनती जा रही है। जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस सनसनीखेज कांड की परतें खुलती जा रही हैं।


डांसर मोहिनी से शुरू हुआ पूरा खेल

पुलिस जांच के अनुसार, पश्चिम बंगाल की रहने वाली डांसर मोहिनी एक कार्यक्रम के सिलसिले में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर पहुंची थी। वहीं उसकी मुलाकात गाजीपुर निवासी दीपक राय से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। इसी दौरान मोहिनी ने दीपक की मुलाकात अपने कथित पति इजमामुल आलम से कराई, जो मोतिहारी का रहने वाला बताया जा रहा है।


पहले से रची गई थी साजिश

पुलिस का कहना है कि 10 और 11 दिसंबर की रात थावे दुर्गा मंदिर की गुप्त रूप से रेकी की गई थी। इसके बाद 17 दिसंबर की रात चोरी को अंजाम दिया गया। इस पूरी साजिश में दीपक राय और इजमामुल आलम की भूमिका अहम रही। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ है कि यह एक पूर्व नियोजित अंतरराज्यीय चोरी थी।


जांच भटकाने की कोशिश और अफवाहें

दीपक राय की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर धर्म और प्रेम से जुड़ी कई तरह की अफवाहें फैलाई गईं, ताकि जांच को भटकाया जा सके। हालांकि, पुलिस मुठभेड़ के बाद जब इजमामुल आलम को गिरफ्तार किया गया, तो मामले की कई अहम कड़ियां सामने आने लगीं।


लव एंगल और पहचान बदलने का आरोप

पूछताछ के दौरान मोहिनी ने दावा किया कि इजमामुल ने नाम और धर्म बदलकर उससे शादी की थी और बाद में उसे धोखा दिया। अब मोहिनी अपने ही कथित प्रेमी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रही है।


गिरोह में और लोग भी शामिल

गोपालगंज पुलिस का मानना है कि इस गिरोह में कुल 4 से 5 लोग शामिल हो सकते हैं। कुछ आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि मोहिनी भोजपुर, बक्सर, बलिया और गाजीपुर में कार्यक्रम करने जाती थी, इन्हीं यात्राओं के दौरान आरोपियों के बीच संपर्क बना और थावे मंदिर चोरी की साजिश रची गई।


थावे मंदिर की सुरक्षा होगी और मजबूत

इस हाई-प्रोफाइल चोरी के बाद पुलिस ने मंदिर समिति को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए हैं। थावे गोलंबर से मंदिर परिसर तक और आसपास के इलाकों में 16 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोका जा सके। फिलहाल, थावे मंदिर चोरी कांड की कहानी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होंगी और इस मामले से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं।

रिपोर्ट- नमो नारायण मिश्रा, गोपालगंज