पटना जंक्शन की सुरक्षा पर सवाल: पुलिस बनकर बदमाशों ने सोना कारोबारी से लूट लिए 22.50 लाख, ट्रेन की खाली बोगी में लूटपाट

Patna Crime News: पटना जंक्शन पर पुलिस बनकर बदमाशों ने सोना कारोबारी से 22.50 लाख रुपये लूट लिए। 72 घंटे बाद भी आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी, घटना ने स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Thu, 01 Jan 2026 12:50:30 PM IST

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Patna Crime News: पटना जंक्शन पर पुलिस बनकर बदमाशों द्वारा एक सोना कारोबारी से 22.50 लाख रुपये की लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना 29 दिसंबर की है, हालांकि इसका खुलासा अब हुआ है। पीड़ित कारोबारी धीरज कुमार ने इस संबंध में जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई है।


पीड़ित कारोबारी धीरज कुमार ने अपने आवेदन में बताया कि उन्होंने अपने साले दीपक कुमार को वैशाली से पटना के बाकरगंज स्थित राज टंच के मालिक संतोष देवकर के पास चांदी के गहने देने भेजा था। गहने सौंपने के बाद दीपक एक बैग में 22.50 लाख रुपये लेकर पटना जंक्शन लौट रहा था।


इसी दौरान पुलिस की वर्दी में एक व्यक्ति दीपक के पास पहुंचा और शाम होने का हवाला देते हुए बैग की जांच के नाम पर उसे जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से प्लेटफॉर्म नंबर-6 तक ले गया। इसके बाद बदमाश उसे प्लेटफॉर्म नंबर-7 पर खड़ी ट्रेन की एक खाली बोगी में ले गए, जहां पहले से एक अन्य आरोपी मौजूद था, जिसने हवाई चप्पल और चीटर पहना हुआ था।


आरोप है कि बदमाशों ने दीपक को डरा-धमकाकर बैग की तलाशी ली और उसमें रखे 22.50 लाख रुपये निकालकर फरार हो गए। पीड़ित का कहना है कि बदमाश पुलिस की वर्दी में था, इसलिए उसने उस पर भरोसा कर लिया। आरोपी बार-बार धमकी दे रहा था कि आदेश नहीं मानने पर थाने में बंद कर देगा। ट्रेन की खाली बोगी में ले जाते समय उसे शक हुआ, लेकिन तब तक बदमाश पैसे लेकर फरार हो चुके थे।


घटना के 72 घंटे बीत जाने के बावजूद जीआरपी केवल प्राथमिकी दर्ज कर पाई है, लेकिन आरोपियों की पहचान या गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। जबकि पटना जंक्शन पर चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और आरपीएफ व जीआरपी की नियमित पेट्रोलिंग भी होती है। इस वारदात ने जंक्शन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


पीड़ित कारोबारी ने आशंका जताई है कि बाकरगंज से रकम निकलने की सूचना किसी लाइनर ने लुटेरों को दी थी। बदमाशों को उसकी कद-काठी और बैग की पूरी जानकारी थी और वे बाकरगंज से ही उसका पीछा कर रहे थे। जैसे ही वह पटना जंक्शन पहुंचा, बदमाश भी वहां पहुंच गए और पुलिस बनकर लूट की वारदात को अंजाम दिया।