Bihar Road Accident: दर्दनाक सड़क हादसे में उत्पाद विभाग के हेड क्लर्क की मौत, तेज रफ्तार वाहन ने मारी जोरदार टक्कर Bihar Road Accident: दर्दनाक सड़क हादसे में उत्पाद विभाग के हेड क्लर्क की मौत, तेज रफ्तार वाहन ने मारी जोरदार टक्कर Bihar Crime News: नाबालिग लड़की की संदिग्ध मौत, कुएं से शव मिलने से सनसनी; परिजनों ने हत्या की जताई आशंका Bihar Education News: शिक्षा विभाग ने 119 हेड मास्टरों को किया पटना तलब, सामने आई यह बड़ी वजह Bihar Education News: शिक्षा विभाग ने 119 हेड मास्टरों को किया पटना तलब, सामने आई यह बड़ी वजह NEET student death : पलटीमार पटना पुलिस ? पहले निजी डाक्टर के बयान पर अड़ी रही, जब 'सुशासन' की भद्द पिटी तब जाकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट की याद आई... NEET student death : पलटीमार पटना पुलिस ? पहले निजी डाक्टर के बयान पर अड़ी रही, जब 'सुशासन' की भद्द पिटी तब जाकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट की याद आई... DMK MP Controversy: तमिलनाडु के सांसद दयानिधि मारन के खिलाफ बिहार की कोर्ट में मुकदमा, क्या है मामला? Bihar Expressway : मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर बिहार में बनेंगे 5 नए एक्सप्रेस-वे, मिलेगी 100 Km/h स्पीड लेकिन खर्च करने होंगे अधिक पैसे Patna Metro: पटना मेट्रो ने पकड़ी रफ्तार, जंक्शन गोलंबर के पास अंडरग्राउंड स्टेशन की खुदाई शुरू; ट्रेन से उतरते ही मिलेगी सुविधा
24-Sep-2023 07:29 AM
By First Bihar
PATNA : बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव ने राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए अपने तरफ से तो भरसक कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, उनकी यह कोशिश महज कुछ महीने तक ही जमीन पर असर दिखाती है उसके बाद इसका भी हाल बाकी अन्य चीज़ों की तरह बदहाल नजर आता है। यह बातें इस वजह है कहीं जा रही है,क्योंकि कुछ महीने पहले तेजस्वी ने राज्य के सभी बड़े मेडिकल अस्पतालों में शाम के समय में भी ओपीडी सेवा शुरू करने का फैसला किया। लेकिन, यह योजना पूरी तरह फेल होता हुआ नजर आ रहा है।
दरअसल, राज्य के मरीजों की सहूलियत के लिए पीएमसीएच में इवनिंग ओपीडी की शुरुआत बीते साल दिसंबर को की गई थी। इस योजना के नौ महीने बीत जाने के बाद भी इवनिंग ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या 200 तक भी नहीं पहुंची है। वहीं, सुबह के ओपीडी में 1500 से 2000 मरीज प्रतिदिन रजिस्ट्रेशन कराते हैं। सुबह में भीड़ इतनी होती है कि मरीजाें को लंबा इंतजार करना पड़ता है। वहीं इवनिंग ओपीडी में मरीजों का इंतजार रहता है।
बताया जा रहा है कि, मेडिसिन, स्किन और हड्डी विभाग को छोड़ दिया जाए तो हर विभाग में करीब 10-15 मरीज ही इवनिंग ओपीडी में आ रहे रहे हैं। दिन की भीड़ को कम करने के लिए ही इवनिंग के समय में ओपीडी सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया। लेकिन प्रचार प्रसार के अभाव में यह फ्लॉप साबित हो रही है।सुबह के ओपीडी में जिस विभाग में 200 मरीज पहुंचते हैं, उसी विभाग के इवविंग ओपीडी 10-12 ही पहुंच रहे हैं।
मालूम हो कि, इवनिंग ओपीडी में गाइनी, पेडिएट्रिक्स, सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, साइकेट्री, डेंटल, नेत्र, ईएनटी, मेडिसिन, पल्मोनरी, मेडिसिन, न्यूरो आदि विभागाें में इलाज कराने की सुविधा है। सुबह का ओपीडी 9 से 2 बजे तक चलता है। इवनिंग ओपीडी ठंड के माैसम में दोपहर बाद 3 से 5 बजे तक और गर्मी में शाम 4 से 6 बजे तक चलता है।
उधर, इन बातों को लेकर पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. आईएस ठाकुर ने बताया कि इवनिंग ओपीडी में विभाग के निर्देश के मुताबिक सारी व्यवस्था है। अधिकतर विभागों का इवनिंग ओपीडी चल रहा है। इसमें आने वाले मरीजाें को सारी सुविधाएं निःशुल्क मिलती हैं। दवा, जांच, इलाज सब निःशुल्क है। इसके बावजूद मरीज कम आ रहे हैं। हालांकि धीरे-धीरे संख्या बढ़ रही है।