ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में आवारा कुत्तों का आतंक: 40 से अधिक लोगों को काटा, इलाज के लिए अस्पताल में लगी भीड़ बिहार में आवारा कुत्तों का आतंक: 40 से अधिक लोगों को काटा, इलाज के लिए अस्पताल में लगी भीड़ रांची में 2 आदिवासी महिलाओं के अपमान पर बवाल, कालिख पोतने वालों के घर पर भीड़ ने किया हमला जानिए क्या है नया Income Tax Form 121, इन लोगों की टेंशन होगी खत्म; यहां समझिए पूरा नियम बिहार सरकार ने जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र के नियम सख्त किए, ऑनलाइन दस्तावेज अनिवार्य बिहार सरकार ने जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र के नियम सख्त किए, ऑनलाइन दस्तावेज अनिवार्य Rajgir Zoo Safari : अब लाइन खत्म! राजगीर सफारी में एक ही पास से मिलेगा पूरा जंगल एक्सपीरियंस, लॉन्च हुआ प्रायोरिटी पैकेज; जानिए क्या है ख़ास टेंट हाउस का संचालक की गोली मारकर हत्या, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही बिहार पुलिस टेंट हाउस का संचालक की गोली मारकर हत्या, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही बिहार पुलिस Bihar News : बिहार में रेल क्रांति! इस जगह बनेगा देश का दूसरा फोरलेन रेल ब्रिज, एक साथ दौड़ेंगी 3 ट्रेनें; बदल जाएगा पूरा रेलवे सिस्टम!

Home / news / डॉक्टर की लापरवाही से AES पीड़ित बच्ची की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने...

डॉक्टर की लापरवाही से AES पीड़ित बच्ची की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने थमाया नोटिस

16-May-2020 07:55 AM

MUZAFFARPUR : एसकेएमसीएच में एईएस से बच्ची की मौत पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्ची का इलाज करने वाले डॉक्टर को शो कॉज नोटिस जारी किया गया है। डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगा है।


एसकेएमसीएच में 13 मई की देर रात एईएस से औराई की चांदनी कुमारी की मौत को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने रून्नीसैदपुर सीएचसी  के डॉ अनिल कुमार सिंह से शो कॉज किया है। जांच में यह पाया गया है कि चांदनी का इलाज रून्नीसैदपुर सीएचसी में एईएस प्रोटोकॉल के अनुसार नहीं किया गया है। इससे बच्ची की मौत हुई थी।


प्रधान सचिव ने शो कॉज में पूछा है कि क्यों नहीं संविदा रद्द कर उनके इस अनप्रोफेशनल व्यवहार के लिए बिहार मेडिकल रजिस्ट्रेशन काउंसिल से उनके निबंधन को रद्द करने की अनुशंसा की जाए।


बता दे कि 11 मई की शाम चांदनी को गंभीर हालत में सीतामढ़ी जिले के रूनीसैदपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया था। प्रोटोकॉल के मुताबिक रोगी को तत्काल 10% डेक्सट्रोज की खुराक दी जानी चाहिए थी। लेकिन डॉ अनिल कुमार सिंह ने केवल सेफट्रीयाजोन 500 मिलीग्राम आइवी दवा देकर एसकेएमसीएच रेफर कर दिया।