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09-Jul-2020 08:56 PM
PATNA : इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत कॉमन सर्विस सेंटर्स ने आज अपने ग्रामीण ईस्टोर प्लेटफॉर्म पर कोका-कोला के उत्पादों को सूचीबद्ध करने के लिये कोका-कोला इंडिया के साथ भागीदारी की घोषणा की है. इस प्रकार स्थानीय उद्यमियों और ई-किराना स्टोर्स के माध्यम से ग्रामीण भारत में घर-घर उपभोक्ता उत्पादों की उपलब्धता को बढ़ावा दिया जाएगा.
यह भागीदारी सीएससी के ग्रामीण ईस्टोर प्लेटफॉर्म के माध्यम से किफायती एवं जरूरी हाइड्रेशन को उपलब्ध कराएगी. पायलट फेज में कोका-कोला के उत्पाद आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्यों के ग्रामीण ईस्टोर पर सूचीबद्ध होंगे. सीएससी और कोका-कोला की भागीदारी लोगों के घर जरूरी और किफायती हाइड्रेशन की लास्ट माइल कनेक्टिविटी प्रदान करने और विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर्स (वीएलई) को सप्लाई पॉइंट्स की मैपिंग द्वारा ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने व आजीविका निर्मित करने के दोहरे उद्देश्य को पूरा करती है.

सीएससी के ग्रामीण ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के बारे में सीएससी एसपीवी के सीईओ डॉ. दिनेश त्यागी ने कहा, ‘‘ग्रामीण ई-स्टोर का आइडिया प्रधानमंत्री के ‘लोकल फॉर वोकल’ की मांग को सार्थक करता है। इस पहल के माध्यम से वीएलई उत्पादकों और कंपनियों को ग्रामीण उपभोक्ताओं के घरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. कोका कोला के साथ भागीदारी से स्टोर्स की पेशकश में विविधता आएगी और ग्राहकों को नये उत्पाद मिलेंगे. इस प्रकार दोनों को फायदा होगा.’’
इस भागीदारी की घोषणा करते हुए कोका-कोला इंडिया एवं दक्षिण पश्चिम एशिया के प्रेसिडेन्ट टी. कृष्णकुमार ने कहा, ‘‘हम अपने ग्रामीण नागरिकों के डिजिटल और आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करने के सीएससी के प्रयास में भागीदार बनकर गर्व का अनुभव कर रहे हैं. इस पहल से हम लास्ट माइक कनेक्टिविटी द्वारा सुनिश्चित करेंगे कि लोग हाइड्रेटेड रहें और उनके पास पेयों के विकल्प हों. यह जिम्मेदार कार्यों और साझा वृद्धि के माध्यम से भारत में एक स्थायी व्यवसाय निर्मित करने के लिये हमारी लंबी अवधि की प्रतिबद्धता पर जोर देता है.’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘हम एक संपूर्ण पेय कंपनी हैं, जिसकी जड़ें स्थानीय हैं और हमने अपनी पसंद और पहुँच, दोनों के संदर्भ में क्षेत्रीय जुड़ाव को मजबूत करने पर केन्द्रित हाइपरलोकल रणनीति अपनाई है. एक ओर हम बेवरेज लोकलाइजेशन को उन्नत कर रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों तथा स्वादों के अनुसार एक एथनिक बेवरेज पोर्टफोलियो विकसित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हम ‘नये नियम’ के अनुकूल बन रहे हैं और अपने उपभोक्ताओं के लिये उनकी पसंद के पेयों की लास्ट माइल डिलीवरी बढ़ाने के लिये उसकी दक्षता का उपयोग कर रहे हैं.’’

कॉमन सर्विस सेंटर्स के विषय में -
कॉमन सर्विस सेंटर्स (सीएससी) स्कीम डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के प्रमुख घटकों में से एक है. सीएससी भारत के गांवों में जी2सी, शिक्षा, स्वास्थ्यरक्षा, कृषि और वित्तीय सेवाओं की ई-डिलीवरी के लिये एक्सेस पॉइंट्स हैं, इस प्रकार यह डिजिटल और वित्तीय रूप से समावेशी समाज में योगदान दे रहे हैं. सीएससी ग्रामीण भारत में सर्विस डिलीवरी पॉइंट्स से कहीं बढ़कर हैं. वे बदलाव के दूत हैं, ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देते हैं और ग्रामीण क्षमता तथा आजीविका का निर्माण करते हैं. यह एक भारतव्यापी नेटवर्क है, जो देश की क्षेत्रीय, भौगोलिक, भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को सेवा प्रदान करता है और सामाजिक, वित्तीय तथा डिजिटली समावेशी समाज बनाने के सरकार के प्रयास का हिस्सा है.
सीएससी ग्रामीण ईस्टोर एक हाइपर-लोकल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है. यह ईस्टोर गूगल प्ले स्टोर पर मोबाइल एप के रूप में उपलब्ध है. नागरिक अपने नजदीकी सीएससी से चीजें खरीदने के लिये इस एप को डाउनलोड कर सकते हैं.
कोका-कोला इंडिया के विषय में -
कोका-कोला इंडिया देश की अग्रणी पेय कंपनियों में से एक है, जो उपभोक्ताओं के लिये स्वास्थ्यवर्द्धक, सुरक्षित, उच्च गुणवत्ता के, तरोताजा करने वाले पेय विकल्पों की पेशकश करती है। वर्ष 1993 में अपने पुनःप्रवेश के बाद से कंपनी पेय उत्पादों से उपभोक्ताओं को तरोताजा कर रही है, जैसे कोका-कोला, कोका-कोला ज़ीरो, डाइट कोक, थम्स अप, थम्स अप चार्ज्ड, थम्स अप चार्ज्ड नो शुगर, फ़ैंटा, लिम्का, स्प्राइट, माज़ा, वियो “फ्लेवर्ड मिल्क”, मिनट मेड रेन्ज ऑफ ज्यूसेस, मिनट मेड स्मूथी और मिनट मेड विटिंगो, हॉट और कोल्ड चाय और कॉफी विकल्पों की जॉर्जिया श्रृंखला, एक्वैरियस और एक्वैरियस ग्लूकोचार्ज, श्वीप्स, स्मार्ट वाटर, किनले और बोनएक्वा पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर और किनले क्लब सोडा। कंपनी अपने खुद के बॉटलिंग परिचालन और अन्य बॉटलिंग पार्टनर्स के साथ, करीब 2.6 मिलियन रिटेल दुकानों के मजबूत नेटवर्क के माध्यम से करोड़ों उपभोक्ताओं के जीवन का हिस्सा बन चुकी है, जिसकी प्रति सेकंड 500 सर्विंग्स की दर है. इसके ब्राण्ड देश में सबसे चहेते और सबसे अधिक बिकने वाले पेयों में शुमार हैं- थम्स अप और स्प्राइट, सबसे अधिक बिकने वाले दो स्पार्कलिंग पेय हैं.
कोका-कोला इंडिया का सिस्टम 25,000 लोगों को प्रत्यक्ष और 150,000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार देता है. भारत में कोका-कोला सिस्टम सामुदायिक पहलों के माध्यम से स्थायी समुदाय निर्मित करने में छोटा-सा योगदान दे रहा है, जैसे सपोर्ट माय स्कूल, वीर, परिवर्तन, और उन्नति और कंपनी पर्यावरण पर अपने द्वारा होने वाले प्रभाव को स्वयं कम करती है.
भारत में कंपनी के परिचालन और उत्पादों के सम्बंध में अधिक जानकारी के लिये कृपया www.coca-colaindia.com और www.hindustancoca-cola.com देखें. इसे ट्विटर पर twitter.com/CocaCola_Ind पर और फेसबुक पर फॉलो करें.