पटना में चल रही NDA विधायक दल की बैठक खत्म, राज्यसभा चुनाव में पांचों सीटों पर जीत का दावा पटना महावीर मंदिर में नैवेद्यम और दरिद्र नारायण भोज जारी रहेगा, गैस खत्म होने पर लकड़ी-कोयला से बनेगा प्रसाद शहरों में 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में इतने दिन में लगेगा LPG सिलेंडर का नंबर, मिट्टी तेल की भी वापसी शहरों में 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में इतने दिन में लगेगा LPG सिलेंडर का नंबर, मिट्टी तेल की भी वापसी Bihar Crime News: डकैती की योजना बनाते चार डकैत गिरफ्तार, वारदात से पहले पुलिस ने दबोचा Bihar Crime News: डकैती की योजना बनाते चार डकैत गिरफ्तार, वारदात से पहले पुलिस ने दबोचा शादी के बाद एक्स मंगेतर से जुड़ा ऑडियो वायरल होने पर भड़कीं रश्मिका मंदाना, लीगल एक्शन की चेतावनी शादी के बाद एक्स मंगेतर से जुड़ा ऑडियो वायरल होने पर भड़कीं रश्मिका मंदाना, लीगल एक्शन की चेतावनी Bihar News: भ्रष्ट DGM ने SVU को देख 32 लाख कैश, 1.31 करोड़ का हीरा-सोना फेंका पर..., रेड में सोना खरीद के 150 रसीद बरामद Bihar Crime News: बकरी चोरी के आरोप में युवक की पीट-पीटकर हत्या, गांव के ही युवक पर मर्डर का आरोप
27-Mar-2020 02:14 PM
BUXAR: राजस्थान के रहने वाले कई मजदूर बक्सर के चौसा में एक फैक्ट्री में कमा करते थे, लेकिन फैक्ट्री लॉकडाउन के बाद से बंद हो गई है. जिससे परेशान मजदूर अपने घर के लिए कोई गाड़ी खोजे. लेकिन नहीं मिला. कोई भी गाड़ी वाला जाने को तैयार नहीं हुआ.जिसके बाद सभी अब बक्सर से भरतपुर पैदल ही निकल गए हैं.
बक्सर से भरतपुर करीब 785 किमी
मजबूरी में कई मजदूर बक्सर से भरतपुर करीब 785 किमी पैदल ही जाने रहे हैं. सभी चौसा से निकल गए हैं. इन मजदूरों के पास अधिक पैसा भी नहीं है. लेकिन फिर भी सभी घर के लिए निकल गए हैं. राजस्थान के भरतपुर जिला जा रहे सोनू कुमार, राजा कुमार ने बताया कि बक्सर के चौसा गोला में एक फैक्ट्री में काम करने के लिये आए थे.
सिर्फ आगे की उम्मीद
इन मजदूरों को बस एक ही उम्मीद है कि शायद आगे कोई गाड़ी मिल जाए. जिससे उनका वह अपने घर पहुंच जाए. लेकिन यह संभव नहीं लग रहा हैं. सभी मजदूर यहां पर कई माह से काम कर रहे थे. लेकिन लॉकडाउन के कारण उत्पादन ठप हो गया. मालिक ने भी किसी तरह का मदद करने से हाथ खड़ा कर दिया. मजदूरों ने बताया कि हमलोगों के पास खाने के लिये कुछ भी नहीं है. पास में पांच सौ रुपए है. रास्ते में कुछ मिल जायेगा तो खाएंगे. लेकिन घर पहुंच जाए यही कोशिश है.