Budget Session : बिहार विधानसभा बजट सत्र का तीसरा दिन, प्रश्नकाल से होगी कार्यवाही की शुरुआत; तेजस्वी यादव भी आज रखेंगे अपनी बात Bihar weather :फरवरी में बिहार का बदला-बदला मौसम, दिन में गर्मी तो रात में ठंड, IMD ने जताई और गिरावट की संभावना मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले
24-May-2024 06:32 PM
By First Bihar
PATNA : विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने शुक्रवार को कहा कि बिहार सहित देश में मिल रहे रुझानो से साफ हो गया है कि भाजपा का सत्ता से बाहर होना तय है। उन्होंने दावा किया कि 4 जून को इंडिया गठबंधन की सरकार सत्ता में होगी।
मुकेश सहनी ने कहा कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार देश के प्रधानमन्त्री बनने वाले नहीं हैं। बिहार और देश की जनता अब प्रधानमंत्री के प्रोपेगेंडा को समझ चुकी है। इस कारण अब वह उनके झांसे में नहीं आना चाहती है।
उन्होंने बिहार के मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन बढ़त बना चुकी है। उस बढ़त को और बढ़ाने के लिए वह महागठबंधन प्रत्याशियों को वोट करें। उन्होंने कहा कि देश की जनता महंगाई और बेरोजगारी से लड़ रही है, लेकिन सरकार इसको लेकर कोई कदम तक नहीं उठा रही है।
सहनी ने कहा कि यह चुनाव किसान, युवा और गरीबों के लिए चुनाव नही चुनौती है। मोदी राज में पढ़े-लिखे नौजवानों को रोजगार नही मिल रहा है। सरकारी सम्पत्तियों को बेचा जा रहा है। कल-कारखाने नही खुल रहे हैं। भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है। धर्म के नाम पर गंगा-जमुनी तहजीब को मिटाने का काम किया जा रहा है। यह चुनाव देश में हक की आवाज को बुलंद करने वाला चुनाव है।