ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar politics : Y श्रेणी सुरक्षा में कटौती का दावा, पप्पू यादव ने कहा– माफियाओं को मिल रहा संरक्षण Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा में शून्यकाल की सूचना अब ऑनलाइन माध्यम से होगी स्वीकार, पढ़िए विधायकों को क्या -क्या करना होगा Bihar Education Minister : बिहार के यूनिवर्सिटी में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन में हो रही गड़बड़ी ! परिषद में हंगामा, सभापति ने मंत्री को दिए जांच के आदेश Bihar News : विधान परिषद में राबड़ी ने खोला कानून व्यवस्था का पोल तो नीरज कुमार में कहा -72 FIR वाला भी शरीफ कैसे यह आज मालूम चला Bihar Assembly : 'विजय सिन्हा के साथ कॉलेज में हुई थी रैगिंग...', विधानसभा में ब्राह्मण शब्द को लेकर जमकर हुआ हंगामा; डिप्टी सीएम ने बताया महागठबंधन शासन काल का सच Bihar Health Department : भाजपा विधायक नीतीश मिश्रा के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री का एक्शन, अफसरों को अस्पताल जांच का दिया निर्देश; पढ़िए क्या है पूरा मामला Bihar Politics : ‘फोटो खींचकर बदनाम करते हैं विरोधी’ – उप स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली पर BJP विधायक ने खुद की सरकार को घेरा, जानिए मंत्री ने क्या दिया जवाब 'IGIMS में नहीं सुनी जाती विधायकों की पैरवी ...', विधानसभा में उठा सवाल, JDU और RJD विधायक ने पूछा सवाल तो मंत्री ने कहा -सही -सही बताइए फोनवा पर क्या बोलते हैं Bihar Assembly : बिहार के सभी सदर अस्पतालों का होगा कायाकल्प, विधानसभा में मंत्री ने कर दिया एलान, अब मरीजों को नहीं लगाना होगा शहरों का चक्कर SVU Raid: SVU की रेड में DPO 50 हजार घूस लेते गिरफ्तार, घर से 4 लाख रुपए भी हुए बरामद

ऑक्सीजन के लिए त्राहिमाम: पटना के 14 निजी अस्पतालों में गैस खत्म, IMA ने कहा- यही हाल रहा तो मौत का तांडव होगा

ऑक्सीजन के लिए त्राहिमाम: पटना के 14 निजी अस्पतालों में गैस खत्म, IMA ने कहा- यही हाल रहा तो मौत का तांडव होगा

27-Apr-2021 07:31 PM

PATNA : कोरोना मरीजों के लिए ऑक्सीजन सप्लाई के सरकारी दावों के बीच पटना के 14 निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन का बैकअप खत्म हो गया है. लाचार अस्पताल प्रबंधन मरीजों को जबरन डिस्चार्ज करने लगे हैं. सरकार के रवैये से नाराज इंडियन मेडिकल एसोसियेशन यानि IMA ने सरकार को चेताया है कि अगर यही हाल रहा तो मौत का तांडव होगा. IMA कह रहा है कि प्रशासन की लापरवाही औऱ मनमानी के कारण ऑक्सीजन के अभाव में लोग मर रहे हैं. 


14 हॉस्पीटलों में ऑक्सीजन का बैकअप खत्म
राजधानी पटना के 14 निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन का बैकअप खत्म हो गया है. पल्स हॉस्पीटल, समय हॉस्पीटल जैसे निजी अस्पतालों ने कोरोना मरीजों के परिजनों को कह दिया है कि वे अपने पेशेंट को अस्पताल से ले जायें. अस्पताल प्रबंधन बहुत कोशिश करके भी ऑक्सीजन का इंतजाम नहीं कर पाया है. ऐसे में उनके पास मरीजों को डिस्चार्ज करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है. 


आईएमए ने कहा-मौत का तांडव होगा
उधर पटना में ऑक्सीजन की भारी कमी से त्राहिमाम की स्थिति के बाद आईएमए ने बिहार के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है. आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सहजानंद समेत दूसरे पदाधिकारियों ने अपने पत्र में कहा है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण ज्यादातर प्राइवेट हॉस्पीटल के बंद होने की नौबत आ गयी है. अगर प्राइवेट हॉस्पीटल बंद हो गये तो फिर मौत का तांडव होगा. 


सिर्फ कोरोना के नहीं बल्कि दूसरी बीमारी वाले मरीज भी मरेंगे
ऑक्सीजन की कमी का सबसे ज्यादा असर कोरोना के मरीजों पर हो रहा है. लेकिन इसका असर दूसरी बीमारी वाले मरीजों पर भी पड़ेगा. आईएमए ने कहा है कि दूसरी बीमारी से जूझ रहे मरीजों को भी ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है. उन्हें भी अगर ऑक्सीजन नहीं मिला तो वे भी मरेंगे. 


मनमानी कर रहा है प्रशासन, चुनिंदा अस्पतालों को सुविधा
आईएमए ने कहा है कि प्रशासन ऑक्सीजन के आवंटन में मनमानी कर रहा है. गिने चुने अस्पतालों को ऑक्सीजन दिया जा रहा है. इससे पहले 21 अप्रैल को जिलाधिकारी के साथ हुई बैठक में तय किया गया था कि पटना के सभी निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए सिस्टम बनाया जाये. सिविल सर्जन सभी अस्पतालों से आवेदन मांगेगे कि उन्हें कितना ऑक्सीजन चाहिये. निजी अस्पताल संचालक अपने अस्पताल से संबंधित सारी जानकारी देते हुए ऑक्सीजन के लिए आवेदन देंगे. उनकी जांच पड़ताल कर निजी अस्पतालों को ऑक्सीजन का आवंटन किया जायेगा. लेकिन हकीकतन ऑक्सीजन का आवंटन मनमाने तरीके से किया जा रहा है. 


90 प्राइवेट अस्पताल बंद होने के कगार पर
आईएमए के मुताबिक पटना के जिलाधिकारी ने कहा है कि जिला प्रशासन ने अब तक जिन अस्पतालों को कोविड के इलाज की मंजूरी दी है सिर्फ उन्हें ही ऑक्सीजन दी जायेगी. बाकी दूसरे अस्पतालों को न कोविड के इलाज की मंजूरी मिलेगी और ना ऑक्सीजन दिया जायेगा. उधर जिन अस्पतालों को कोविड के इलाज की मंजूरी दी गयी है उन्हें भी ऑक्सीजन नहीं दिया जा रहा है. दूसरे अस्पतालों में भर्ती नन कोविड मरीजों को भी ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है. ये हालत रही तो पटना में कोविड का इलाज कर रहे 90 निजी अस्पतालों के साथ साथ दूसरे अस्पताल भी बंद हो जायेंगे. फिर मौत का जो तांडव होगा उसे रोक पाना मुश्किल होगा. की है।


IMA कह रहा है कि किसे कितना ऑक्सीजन की जरूरत है ये डॉक्टर तय कर सकते हैं ना कि जिला प्रशासन. लेकिन जिला प्रशासन तय कर रहा है कि कितना ऑक्सीजन किसे मिलना चाहिये. उधर धड़ल्ले से ऑक्सीजन की कालाबाजारी हो रही है. प्रशासन को अपना ध्यान कालाबाजारी रोकने पर लगाना चाहिये. लेकिन पूरा सिस्टम फेल होने की कगार पर है.