Bihar Police : वर्दी का सपना होगा पूरा! बिहार पुलिस SI भर्ती 2026 का सुनहरा मौका, जानें आवेदन की आखिरी तारीख Bihar Budget Session 2026 : विधानसभा में आज बजट पर बोलेंगे तेजस्वी यादव, NEET छात्रा मौत को लेकर कानून व्यवस्था पर विपक्ष उठाएगा सवाल Bihar Cabinet Meeting : Bihar Cabinet Meeting: आज होगी सीएम नीतीश की अहम कैबिनेट बैठक, सदन की कार्यवाही के बाद बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर Bihar Vigilance : हिरासत में लिए गए ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर, घर से मिली मिली अकूत संपत्ति Rajgir Cricket Stadium : राजगीर में बना बिहार का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, इस साल से ipl मैचों की उम्मीद Bihar weather update :बिहार में बदला मौसम का मिजाज: बारिश, घना कोहरा और बढ़ता AQI, अलर्ट जारी मधुबनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: TOP-10 अपराधी और गांजा तस्कर नरेश यादव गिरफ्तार झारखंड के बोकारो में हाथियों का तांडव, एक ही परिवार के 3 लोगों की रौंदा मुजफ्फरपुर में सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग का वीडियो वायरल, तिमुल अध्यक्ष की फैमिली पर सवाल, ग्रामीण SP ने दिए जांच के आदेश पटना में बिना निशान थायरॉइड सर्जरी की ऐतिहासिक सफलता, रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल में नई मेडिकल उपलब्धि
30-Dec-2021 07:17 AM
PATNA : बिहार में जजों की सुरक्षा को लेकर पिछले दिनों केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों ने चिंता जाहिर की थी और अब केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर जजों की सुरक्षा को पहले से ज्यादा मुस्तैद बनाने के लिए कदम उठा लिया गया है। गृह विभाग ने सुरक्षा पुनरीक्षण समूह का गठन किया है। यह समूह हाईकोर्ट से लेकर जिलास्तर तक के जजों और न्यायिक पदाधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था को ना केवल मुस्तैद करेगा बल्कि इसका पुनरीक्षण भी करेगा। राज्य सरकार के गृह विभाग की तरफ से इससे जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी गई है।
गृह विभाग ने जो आदेश जारी किया है उसके मुताबिक सुरक्षा पुनरीक्षण समूह में 6 सदस्य होंगे। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव या प्रधान सचिव इसके अध्यक्ष होंगे। इसके अलावा इस स्पेशल टीम में डीजीपी, एडीजी स्पेशल ब्रांच, एडीजे सुरक्षा, आसूचना ब्यूरो के सहायक निदेशक के सदस्य के तौर पर शामिल रहेंगे। पटना हाई कोर्ट के महानिबंधक समूह के विशेष सदस्य के तौर पर शामिल रहेंगे।
जजों की सुरक्षा को लेकर बनाई गई इस विशेष समूह की बैठक हर 6 महीने पर आयोजित की जाएगी। अपर पुलिस महानिदेशक सुरक्षा के द्वारा बैठक बुलाई जाएगी। समूह हाईकोर्ट से लेकर जिला कोर्ट और अन्य न्यायालयों की सुरक्षा संबंधी व्यवस्था को देखेगा। इसके लिए आवश्यक कदम उठाएगा। इतना ही नहीं समूह के ऊपर कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने उसका अनुमोदन करने की जिम्मेदारी भी दी गई है।