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09-Dec-2020 10:03 PM
PATNA : कोरोना काल में मार्च महीने से बंद पड़े सभी स्कूलों को खोलने की तैयारी चल रही है. पिछले 8 महीने से बाधित चल रही बच्चों की पढ़ाई को एक बार फिर से पटरी पर लाने की कोशिश शुरू हो गई है. बिहार सरकार की ओर से इसकी पूरी तैयारी की जा रही है. उम्मीद जताई जा रही है की नए साल में यानी कि 2021 से क्लास 1 से 8 तक की बच्चों की पढाई स्कूलों में शुरू कर दी जाएगी. शिक्षा विभाग के पदाधिकारी इसके पुख्ता इंतजाम की तैयारी में लगे हुए हैं.
बिहार में 1 से 8 तक के प्राइवेट समेत सभी सरकारी स्कूलों को खोलने की तैयारी हो रही है. बिहार में मुख्य सचिव के स्तर आपदा प्रबंधन समूह की होने वाली अहम बैठक में स्कूलों के खोले जाने पर जल्द महत्वपूर्ण निर्णय लिया जायेगा. आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने 28 सितंबर से कक्षा 9 से 12 तक के स्कूलों को खोलने की सशर्त अनुमति दी थी, लेकिन नीतीश सरकार ने इससे निचली कक्षाओं के स्कूलों को खोलने पर अभी तक पाबंदी लगा रखी है.
शिक्षा विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी के मुताबिक स्कूलों के खोले जाने के बाद प्रारंभिक स्कूलों के बच्चों को अगली कक्षाओं में प्रमोट कर दिया जायेगा. यानी कि बना परीक्षा दिए ही बच्चे अगली क्लास में चले जायेंगे. बिहार सरकार ने स्कूलों को फिलहाल बंद रखने का निर्णय लिया है लेकिन कई स्कूलों में बच्चों को ऑनलाइन वर्चुअल क्लास के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है. कोरोना काल में स्टूडेंट्स ऑनलाइन पढ़ाई पर ही निर्भर हैं.
स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन अपने स्तर से विद्यार्थियों और शिक्षकों का शिड्यूल निर्धारित करेंगे. सरकार के दिशा-निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित कराना और उसकी निगरानी संबंधित जिलाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी के ऊपर रहेगी. अगले साल से बच्चों को राशि के बदले किताबें मुहैया करायी जाएगी. इस पर विभाग ने नीतिगत निर्णय लिया है पर सरकार के स्तर पर सहमति मिलने का इंतजार है.
शिक्षा विभाग ने मुख्स सचिव को प्रस्ताव भेजा है कि कोविड-19 के कड़े सुरक्षा मानकों को ध्यान में रख सभी स्कूलों में शर्तों के साथ पहली से आठवीं तक के कक्षाओं का संचालन की अनुमति दी जाये. माना जा रहा है कि किसी भी कंटेनमेंट जोन के विद्यार्थी, शिक्षक व कर्मचारी स्कूल नहीं आएंगे. कक्षाओं के संचालन के लिए कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा.