ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में शराबबंदी कानून का माखौल उड़ा रही खाकी, दारोगा का शराब के साथ वीडियो वायरल; जांच के आदेश बिहार में शराबबंदी कानून का माखौल उड़ा रही खाकी, दारोगा का शराब के साथ वीडियो वायरल; जांच के आदेश निशांत को ही सीएम बनाना होता तो BJP नीतीश को जबरदस्ती राज्यसभा क्यों भेजती? JDU कार्यकर्ताओं की मांग पर बोले मुकेश सहनी निशांत को ही सीएम बनाना होता तो BJP नीतीश को जबरदस्ती राज्यसभा क्यों भेजती? JDU कार्यकर्ताओं की मांग पर बोले मुकेश सहनी मेला दिखाने के बहाने युवती से दुष्कर्म, रेप के बाद बॉयफ्रेंड ने लड़की को दोस्तों के सामने परोसा, विरोध करने पर मार डाला मेला दिखाने के बहाने युवती से दुष्कर्म, रेप के बाद बॉयफ्रेंड ने लड़की को दोस्तों के सामने परोसा, विरोध करने पर मार डाला बिहार में बिना जुताई अब आलू की खेती: जीरो टिलेज पर सरकार का फोकस, जल्द लागू होगी नई तकनीक बिहार में बिना जुताई अब आलू की खेती: जीरो टिलेज पर सरकार का फोकस, जल्द लागू होगी नई तकनीक बिहार में अब सरकारी टेंडरों पर रहेगी EOU की पैनी नजर, 5 सदस्यीय टीम गठित; गड़बड़ी करने वालों का खेल खत्म बिहार में अब सरकारी टेंडरों पर रहेगी EOU की पैनी नजर, 5 सदस्यीय टीम गठित; गड़बड़ी करने वालों का खेल खत्म

Home / news / बिहार के पूर्व सीएम सतीश प्रसाद का निधन, दिल्ली में ली अंतिम सांस...

बिहार के पूर्व सीएम सतीश प्रसाद का निधन, दिल्ली में ली अंतिम सांस

02-Nov-2020 02:07 PM

PATNA : इस वक्त की बड़ी खबर बिहार के राजनीतिक गलियारे से आ रही है. जहां बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सतीश प्रसाद सिंह का निधन हो गया है. सतीश प्रसाद सिंह ने सोमवार को दिल्ली में अंतिम सांस ली. सतीश प्रसाद सिंह 1968 में पांच दिन के लिए बिहार के सीएम बने थे. 

बिहार के इतिहास में सबसे कम समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के नेता सतीश प्रसाद सिंह  के नाम था.  वे महज पांच दिन के लिए मुख्यमंत्री बने थे.

 दरअसल, 1967 में हुए चौथे विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बहुमत नहीं पा सकी थी, इसके कारण बिहार में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनी थी. तब जनक्रांति दल में रहे महामाया प्रसाद सिन्हा को पहला गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बनाया गया, मगर 330 दिनों तक सत्ता संभालने के बाद उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ी. इसके बाद संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के नेता सतीश प्रसाद सिंह मुख्यमंत्री बनाए गए मगर वह भी पांच दिन में हटा दिए गए. इसके बाद बीपी मंडल को मुख्यमंत्री की शपथ दिलाई गई मगर वे भी महज 31 दिन ही सीएम की कुर्सी संभाल सके.