ब्रेकिंग न्यूज़

सुपौल में LIC एजेंट ने लाइसेंसी गन से खुद को मारी गोली, इलाके में सनसनी प्रेमिका के साथ पार्क में बैठे प्रेमी को डायल 112 की टीम ने पकड़ा, महिला सिपाही पर 5 हजार रूपये मांगने का आरोप मुजफ्फरपुर बड़गांव झड़प मामले में पियर थानाध्यक्ष रजनीकांत सस्पेंड, एसएसपी की बड़ी कार्रवाई बेगूसराय में NH-31 पर भीषण हादसा, ई-रिक्शा को बचाने में मिनी बस पलटी, एक दर्जन लोग घायल मुजफ्फरपुर में जिला कृषि पदाधिकारी 50 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, विशेष निगरानी टीम की बड़ी कार्रवाई क्या सच में नीट छात्रा के भाई को उठा ले गई CBI? फर्स्ट बिहार के जरिए जानिए क्या है इसकी असली हकीकत; आखिर क्यों जहानाबाद पहुंची थी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम बिहटा में नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज का कार्यक्रम, शिक्षाविद MM सिंह ने छात्रों को दिये सफलता के मंत्र EDUCAMY पटना से JEE MAINS का Bihar State Topper, पटना में रहकर IIT-JEE की तैयारी करने वाले छात्रों में TOP बड़ी जालिम है ये शराब: NDA विधायक ने विधानसभा में उठाई शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग, जेडीयू ने कहा-दिल्ली चले जाइये, वहां चालू है Bihar Road Project: सिलिगुड़ी-गोरखपुर सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया हुई तेज, फिजिकल वेरिफिकेशन शुरू

बिहार के फर्जी फार्मासिस्ट पर होगा एक्शन, सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका बहाल की

बिहार के फर्जी फार्मासिस्ट पर होगा एक्शन, सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका बहाल की

30-Nov-2022 02:02 PM

PATNA : फर्जी फार्मासिस्ट को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया है। इसके लिए कोर्ट ने फार्मेसी काउंसिल और राज्य सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर अस्पताल या किसी मेडिकल स्टोर रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट के जगह फर्जी फार्मासिस्ट द्वारा चलाए जा रहे हैं तो ये देखना फार्मेसी काउंसिल और राज्य सरकार का काम है। 




जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एमएम सुंदरेश की खंडपीठ ने पटना उच्च न्यायालय के समक्ष दायर जनहित याचिका को बहाल किया है, जिसमें कहा गया है कि किसी भी रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की गैर मौजूदगी में अगर अस्पताल/डिस्पेंसरी फर्जी फार्मासिस्ट द्वारा चलाया जा रहा है तो इससे लोगों का हेल्थ ख़राब होगा। दरअसल, एक शख्स ने पिछले दिनों पटना हाई कोर्ट एक जनहित याचिका दायर की थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि कई सरकारी हॉस्पिटल ऐसे हैं, जिसे रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट के जगह फ़र्ज़ी फार्मासिस्ट चला रहे हैं। 




अदालत ने उच्च न्यायालय को निर्देश दिया कि वह बिहार राज्य और बिहार राज्य फार्मेसी परिषद से ऐसे सरकारी अस्पतालों, मेडिकल स्टोर और प्राइवेट हॉस्पिटल्स की लिस्ट मांगे जो फर्जी फार्मासिस्ट द्वारा चलाया जा रहा है। साथ ही ये सवाल पुछा गया है कि क्या बिहार राज्य फार्मेसी परिषद द्वारा प्रस्तुत तथ्यान्वेषी समिति की रिपोर्ट, जिसे राज्य सरकार को भेजा जाना था, पर राज्य सरकार द्वारा कोई कार्रवाई की गई है? रिट याचिका में लगे आरोप में अगर कोई ऐसा फ़र्ज़ी फार्मासिस्ट है तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाए।