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05-Mar-2020 06:46 PM
PATNA : राज्य में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अंदर व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर मंत्री रामनारायण मंडल ने 2 दिन पहले अपनी पीड़ा बयां की थी. मंत्री रामनारायण मंडल ने अपने विभाग के अधिकारियों की भ्रष्टाचार तथा सार्वजनिक मंच से सुनाई थी. जिसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक्शन में आते हुए आज राजस्व भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक की है.
मंत्री रामनारायण मंडल और विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह की मौजूदगी में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की कार्यशैली में बदलाव को लेकर सीएम ने हर स्तर पर फीडबैक लिया. मुख्यमंत्री के सामने लैंड रिकॉर्ड, लैंड सर्वे और सेटलमेंट के साथ-साथ लैंड एक्विजिशन और अन्य मुद्दों पर बजाप्ता प्रेजेंटेशन भी दिया गया. मुख्यमंत्री ने आज की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यह समझा दिया कि अब भूमि विवाद से जुड़े मामलों में कोई कोताही नहीं चलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों का समाधान बिना देरी के किया जाना चाहिए क्योंकि इससे कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा होती है.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सप्ताह में 1 दिन थानेदार और अंचलाधिकारी संयुक्त बैठक करें. भूमि विवाद के मामलों का निपटारा करेंगे. 15 दिनों में एक बार अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी इसी तरह भूमि विवाद से जुड़े मामलों का निपटारा करेंगे. जबकि महीने में एक बार जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को यही पहल करनी होगी. भूमि विवाद को खत्म करने के लिए हर स्तर पर पहल की जरूरत मुख्यमंत्री ने बताई है. मुख्यमंत्री के साथ हाई लेवल मीटिंग में मुख्य सचिव दीपक कुमार विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह राजस्व परिषद के अध्यक्ष त्रिपुरारी शरण और गृह एवं सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी भी मौजूद रहे.